शमशान की भूमि पर दबंगों का कब्जा

अंतिम यात्रा के बाद सम्मान पूर्वक दाह संस्कार किया जा सके। यहां टीनशेड तक नहीं होने के कारण बारिश में अंतिम संस्कार करने में खासी दिक्कत होती है। लकडिय़ां गीली हो जाने के कारण चिता में आग लगाना टेड़ी खीर हो जाता है और चिता को आग लगाने में घंटों लग जाते हैं।

विदिशा/मंडीबामोरा. ग्राम पंचायत सीहोरा अंतर्गत खजरोद मार्ग पर बने श्मशानघाट पर दबंगों ने कब्जा कर बाउंड्रीबॉल उठा ली है। इतना ही नहीं इस पर खेती करना भी शुरु कर दिया है। जिससे श्मशान भूमि कम होती जा रही है। वहीं यहां टीनशेड नहीं होने से बारिश में भी खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों में रोष है।

मालूम हो कि क्षेेत्र की सबसे बड़ी पंचायत सीहोरा में पहले दो श्मशानघाट हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान में एकमात्र श्मशान घाट बचा है। वह भी इस लायक नहीं है कि अंतिम यात्रा के बाद सम्मान पूर्वक दाह संस्कार किया जा सके। यहां टीनशेड तक नहीं होने के कारण बारिश में अंतिम संस्कार करने में खासी दिक्कत होती है।

लकडिय़ां गीली हो जाने के कारण चिता में आग लगाना टेड़ी खीर हो जाता है और चिता को आग लगाने में घंटों लग जाते हैं। वहीं अंतिमयात्रा में जाने वाले लोगों को भी पानी से बचने के कोई इंतजाम नहीं होने के कारण बारिश में उन्हें गीला होना पड़ता है। वहीं गर्मियों में धूप और उमस से यहां आने वाले नागरिक परेशान होते हैं।

कब्जे से कम होती जा रही भूमि
श्मशान की भूमि पर दबंगों द्वारा लगातार कब्जा किए जाने के कारण श्मशान की भूमि कम होती जा रही है। स्थिति यह है कि दबंगों ने श्मशान भूमि पर ही बाउंड्रीबॉल उठाकर खेती करना शुरु कर दिया है। लेकिन इस ओर न तो पंचायत ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन या जनप्रतिनिधी। जिससे नागरिकों की इस गंभीर समस्या का कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है और श्मशान भूमि भी खतरे में है।

इनका कहना है
-गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों ने श्मशान की जगह पर बाउंड्री बॉल उठाकर खेती करना शुरु कर दिया है। पंचायत को शमशान की भूमि का सीमांकन कराकर जितनी भूमि थी। उसका संरक्षण करना चाहिए। - राकेश सूर्यवंशी, ग्रामीण, ग्राम पंचायत सीहोरा

-पटवारी से शमशान की भूमि का पता किया जाएगा। वहां पर एक शेड क्षतिग्रस्त है। दूसरा शेड निर्माणाधीन है। शीघ्र ही शेड निर्माण कराया जाएगा। जिससे नागरिक परेशान नहीं हों। - बृजेश शर्मा, सचिव, ग्राम पंचायत सीहोरा

पंचायत द्वारा कोई भी आवेदन सीमांकन के लिये नहीं किया गया है। यदि पंचायत आवेदन करती है, तो श्मशान का सीमांकन किया जाएगा और कब्जेधारियों का कब्जा भी हटाया जाएगा। - राकेश दांगी, पटवारी, मंडीबामोरा

वीरेंद्र शिल्पी Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned