एक डॉक्टर के भरोसे ग्यारसपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं हो पाने के कारण झोलाछाप डॉक्टर्स के पास जाना मजबूरी

ग्यारसपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर्स के पद तो सात हैं, लेकिन एक मात्र डॉक्टर पदस्थ हैं। जबकि यहां ग्यारसपुर सहित आसपास के 200 से अधिक गांव के मरीज उपचार करवाने आते हैं। ऐसे में यहां मरीजों की भीड़ तो रहती है, लेकिन उपचार के अभाव में वे झोलाछाप डॉक्टर के पास उपचार करवाने जाने को मजबूर होते हैं।

मालूम हो कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर्स के सात पद स्वीकृत हैं। जिसमें एक महिला डॉक्टर का पद भी शामिल है। लेकिन सात में से सिर्फ एक डॉक्टर पदस्थ हैं। जिन्हें मजबूरन कई बार २४ घंटें यहां सेवाएं देना पड़ रहीं हैं। ऐसे में वे भी परेशान हैं। वहीं तीन साल से यहां कोई महिला डॉक्टर ही पदस्थ नहीं हुई है। ऐसे में सबसे ज्यादा महिला मरीजों को उठानी पड़ती है। वे अपने उपचार के लिए या तो झोलाछाप डॉक्टर के पास जाती हैं या फिर उपचार के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है। ऐसे में जिला मुख्यालयय की दूरी अधिक होने कारण उपचार के लिए उन्हें खासा परेशान होना पड़ता है।

घंटों करना पड़ता है इंतजार
इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन की ओपीडी 80 से 100 मरीजों की रहती है। लेकिन एक मात्र डॉक्टर होने के कारण यदि वे कहीं गए हों, तो मरीजों को उपचार करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में समय पर उपचार के अभाव में कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।

मनमानी वसूल रहे राशि
झोलाझाप डॉक्टर के यहां जब मरीज मजबूरन उपचार करवाने पहुंचता है, तो यह इनसे मनमानी फीस वसूलते हैं और अधिकांश दवाएं भी स्वयं के पास ही ही महंगे दामों पर देते हैं। जिससे उपचार के नाम पर यहां मरीजों और उनके परिजनों की जेबें ढीली करने का काम भी खूब चल रहा है। इसके बावजूद मरीजों का ठीक से उपचार जब नहीं तो पाता, तो वे अपने को ठगासा महसूस करते हैं और फिर जिला अस्पताल का रूख करते हैं। या मरीज की हालत सुधरने की बजाए ज्यादा बिगडऩे पर उन्हें जिला अस्पताल जाने की सलाह देते हैं।

प्रभारी मंत्री को दे चुके ज्ञापन
मालूम हो कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त डॉक्टर की पदस्थापना की मांग को लेकर क्षेत्र के नागरिक पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही छह माह पूर्व प्रभारी मंत्री को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन इस दिशा में शासन-प्रशासन द्वारा अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है और क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्या जस की तस बनी हुई है।

इनका कहना है
ग्यारसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त डॉक्टर के इंतजाम जल्द किए जाएंगे। वहीं बगैर डिग्री आदि के यदि झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का उपचार कर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, जोा जांच कर कार्रवाई की जाएगीय।
- केएस अहिरवार, सीएमएचओ, विदिशा

Anil kumar soni Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned