कोरोना से विदिशा में पहली और जिले में तीसरी मौत, 8 नए संक्रमित मिले

कोरोना से मौत पर उठ रहे सवाल, विदिशा में सैंपल तक नहीं लिया

By: govind saxena

Published: 01 Aug 2020, 12:30 AM IST

विदिशा. कोरोना संक्रमण लगातार भयावह होता जा रहा है। गुरुवार की रात विदिशा नगर में कोरोना से पहली और जिले की अब तक की तीसरी मौत हो गई। एमएलबी स्कूल के पास जनरल स्टोर चलाने वाले जितेन्द्र कुमार जैन की विदिशा से भोपाल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मौत के बाद भोपाल में ही उनका सैंपल लेकर जांच की गई, जिसमें उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि जिला अस्पताल के पास इसकी पुष्टि की अभी कोई जानकारी नहीं है। वहीं शुक्रवार को जिले में नए 8 कोरोना संक्रमित मिले। इनमें से 4 विदिशा शहर के हैं।


इन तीन की हुई कोरोना से मौत
जिले में कोरोना से पहली मौत सिरोंज के प्रमोद जैन की हुई थी, दूसरी मौत भी सिरोंज के अथाईखेड़ा निवासी कमलेश बाई की हुई, जो बे्रन हेमरेज के बाद भोपाल में सर्जरी के लिए गईं थीं, यहां गाइडलाइन के अनुसार सर्जरी के पहले उनका कोरोना टेस्ट किया गया और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, रिपोर्ट के बाद उनकी सर्जरी की गई, जिसके दो दिन बाद भोपाल में ही उनकी मृत्यु हो गई थी। और अब विदिशा के जितेन्द्र कुमार जैन की मृत्यु भी कोरोना पॉजिटिव होने के कारण मानी जा रही है।


मौत के बाद लिया गया भोपाल में सैंपल
सूत्रों के मुताबिक करीब 57 वर्षीय जितेन्द्र जैन गुरूवार को सांस लेने में हो रही परेशानी के मद्देनजर जिला अस्पताल गए थे, यहां से उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया। उनका कोरोना टेस्ट यहीं क्यों नहीं किया गया, यह समझ से परे है। लेकिन रेफर होने के बाद जब वे भोपाल जा रहे थेे तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। एंबूलेंस का चालक उन्हें भोपाल अस्पताल ले गया, जहां उनका सैंपल लिया गया और जांच में उनको कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उनका अंतिम संस्कार भी वहीं कर दिया गया।

सांस लेने में तकलीफ फिर भी सैंपल तक नहीं लिया
सूत्रों के अनुसार मृतक जितेन्द्र जैन को गुरूवार की रात जिला चिकित्सालय लाया गया, यहां उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्हें बुखार भी था। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और एक्सरे भी कराया जिसमें उन्हें निमोनिया बताया गया। इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन लगाकर भोपाल रेफर कर दिया गया, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। यहां यह सवाल अहम है कि जितेन्द्र का उपचार रात 11 से 2 बजे तक विदिशा में होता रहा, लेकिन इस दौरान उनका कोरोना जांच के लिए सेंपल लेने की जरूरत किसी ने नहीं समझी। ट्रृ नाट मशीन से एक घंटे में रिपेार्ट आने का दावा किया जाता है, फिर इस मशीन का उपयोग नहीं करते हुए सैंपल लिए बिना ही भोपाल रेफर क्यों कर दिया गया।

जितेंद्र की मौत पर विधायक ने खड़े किए सवाल
विधायक शशांक भार्गव ने जितेन्द्र जैन की मौत पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि जितेन्द्र जैन को सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्प्ताल लाया गया था, लेकिन उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्प्ताल में वेंटीलेटर के माध्यम से सघन चिकित्सा की व्यवस्था ही नहीं है। मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर रेंंक के डॉक्टर संकट के समय में क्यों अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं और मरीजों को रेफर किया जा रहा है। विधायक ने कहा है कि मैंने 1 अप्रेल 2020 को विधायक निधि से शासकीय अस्पताल में कोरोना की गंभीरता को देखते हुए वेंटीलेटर के लिए अनुशंसा पत्र कलेक्टर को दिया था, लेकिन चार माह होने पर भी वेंटीलेटर नहीं आ पाया। कोरोना संकट से निपटने में इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है। विधायक ने अपने लिखित बयान में कहा है कि जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में चल रही अनियमितताएं खासतौर पर शासन द्वारा दिए जाने वाले पैसे में गोलमाल है। मुझे बताया गया है कि 1200-1500 रूपए प्रति मरीज खर्च किया जा रहा है। इसका हिसाब अस्पष्ट और गोलमोल है। विधायक ने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो कोविड मरीजों के हित में मैं जेल जाने से भी पीछे नहीं हटूंगा।

वर्जन...
मरीज रात 11 बजे अस्पताल आया था, उसे बुखार था, वह तीन-चार दिन किसी प्रायवेट डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। यहां उन्हें निमोनिया पाया गया। दो घंटे में उन्हें ऑक्सीजन दी गई और फिर भोपाल रेफर किया गया। टेस्ट में अनावश्यक समय लग जाता, संभवत: इसलिए उन्हेें वैसे ही भेज दिया गया।
-डॉ संजय खरे, सिविल सर्जन विदिशा

एक और महिला डीएसपी की रिपोर्ट पॉजिटिव
पहले सिरोंज एसडीओपी रोहित लखारे, फिर डीएसपी रोशनी ठाकुर और अब पुलिस लाइन की एक और डीएसपी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। डीएसपी अनुकृति सबनानी पहले से संक्रमित डीएसपी रोशनी ठाकुर के साथ उनके ही फलैट में रहती थीं। उधर भाजपा नेता राजेंद्र सोनकर भी संक्रमित हुए हैं।

शुक्रवार की रिपोर्ट में 8 संक्रमित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी बुलेटिन में यद्यपि जिले में 20 लोगों के पॉजिटिव मिलने की जानकारी है। लेकिन इसमें गुरूवार शाम 4 बजे के बाद मिले पॉजिटिव मरीज भी शामिल हैं। दरअसल शुक्रवार को जिले में 8 की रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई है, जिसमें विदिशा शहर के 4, सिरोंज के 2 तथा गंजबासौदा और शमशाबाद के 1-1 मरीज हैं।

शास्त्रीनगर के दंपति की रिपोर्ट नेगेटिव
शास्त्रीनगर में एक दंपति का सैंपल संपर्क हिस्ट्री के आधार पर लिया गया था। इसके लिए उन्हें विदिशा के आइसोलेशन वार्ड में लाया गया था, जहां उनका सैंपल लेकर जांच की गई। डॉ भूर्पेद्र चौहान ने बताया कि इन दोनों की रिपोर्ट शुक्रवार को नेगेटिव आई है और उन्हें डिस्चार्ज कर वापस उनके घर शास्त्रीनगर भेज दिया गया है। किसी ने उनके संक्रमित होने की गलत जानकारी दे दी थी।

govind saxena Bureau Incharge
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