वन माफिया की शिकायत पर फिर प्राणघातक हमला, संतराम हत्याकांड दोहराने की साजिश

गांव में पुलिस का डेरा, छह में से चार आरोपी गिरफ्तार

By: govind saxena

Published: 27 Jun 2021, 09:09 PM IST

लटेरी/विदिशा. जिस तरह वन माफिया की शिकायत करने पर लटेरी तहसील के मुरवास में दलित नेता संतराम वाल्मिकी की 18 मार्च को निर्मम हत्या कर दी गई थी, बिल्कुल उसी तरह का प्रयास लटेरी के ही बूढ़ाखेड़ा गबरू में भी वन माफिया ने गजराज मीना नाम के युवक के साथ 26 जून को किया। खून से लथपथ गजराज भोपाल में जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। उधर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्राणघातक हमले का प्रकरण दर्ज कर 4 को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी, एएसपी, दो एसडीओपी और पांच टीआइ लटेरी में डेरा डाले हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 26 जून की है। बूढ़ाखेड़ा गबरू में रहने वाले 35 वर्षीय गजराज सिंह मीणा पास ही वन भूमि पर कब्जा जमाकर खेत बनाने का काम करने वाले ग$फ्फार और उसके लडक़ों की कई बार शिकायत कर चुके थे। शनिवार की सुबह भी वन भूमि में खेत बनाने गफ्फार और उनके लडक़े ट्रेक्टर लेकर आए और काम करने लगे। इसकी शिकायत गजराज ने वन अधिकारियों से की तो वन अमला आ पहुंचा। यह देखकर गफ्फार आदि अपना ट्रेक्टर लौटा ले गए। लेकिन यह बात और अपनी शिकायत उन्हें नागवार गुजरी। दोपहर को वे फिर ट्रेक्टर और बाइकों से गजराज को ढंूढते हुए आए। ट्रेक्टर पर गफ्फार और उसके लडक़े उमर तथा विलाल बैठे थे, जबकि गफ्ïफार के ही तीन लडक़े वाहिद, अब्बू और जाकिर बाइक से आ रहे थे। आरोप है कि गजराज को ट्रेक्टर से कुचलने की कोशिश की गई, जबकि पुलिस का मानना है कि ट्रेक्टर से पीछा किया गया और फिर डंडों से गजराज को मारा गया। इस घटना में गंभीर रूप से घायल गजराज को भोपाल रेफर किया गया है।


घटना की सूचना मिलते ही एसपी विनायक वर्मा, एएसपी संजय साहू, बासौदा और लटेरी एसडीओपी सहित शमशाबाद, बासौदा, लटेरी, सिरोंज और गुलाबगंज टीआई को मौके पर पहुंच गए। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 307 के तहत प्रकरण कायम कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। रविवार की दोपहर तक गफ्फार, उमर, अब्बू और जाकिर गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि विलाल और वाहिद अभी फरार हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर डॉ. पंकज जैन और डीएफओ राजवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। यहां वे वह जगह भी देखने पहुंचे जहां वन भूमि पर खेत बना दिए गए हैं। यहां अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति भी वन विभाग ने की।

ट्रेक्टर की टक्कर से गिराया, फिर घर आकर भी पत्थर से मारा
विलाल और उसके परिवार वालों ने हमारे खाते की जमीन हड़पने के साथ ही वन विभाग की करीब 50-60 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था। विलाल शनिवार को अपने साथियों के साथ आया और ट्रेक्टर से पापा का पीछा करते हुए उसने गिरा दिया, जिससे वे घायल होकर घर भाग आए। इसके बाद विलाल ने घर आकर उनके पत्थर से सिर में मारा, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। उमर ने मुझसे भी मारपीट की।
(जैसा कि पीडि़त गजराज मीना के 16 वर्षीय लडक़े शिवम ने पत्रिका को बताया)

्रवन विभाग ने मामला दबाने की कोशिश
मुरवास में भी वर्षों से संतराम वन माफिया फकीर मोहम्मद की शिकायत वन विभाग के अधिकारियों से करता आ रहा था। वन विकास निगम और वन विभाग दोनों को ही भारी अतिक्रमण की खूब जानकारी थी, लेकिन समय रहते किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा संतराम की हत्या हो गई। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की खानापूर्ति की गई। जबकि बूढ़ाखेड़ा में भी ऐसा ही मामला है। यहां भी गजराज सिंह कई बार वन अमले से यहां वन भूमि पर खेत बनाने की शिकायत करता रहा है, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यह भी पता चला है कि आरोपी गफ्तार का भतीजा वन विभाग में होने के कारण अक्सर आरोपियों पर या तो कार्रवाई नही होती थी, या फिर कार्रवाई के पहले ही इन्हें सूचना दे दी जाती थी। अब जब गजराज मीणा पर प्राणघातक हमला हुआ तो भी वन विभाग ने वहां अतिक्रमण होने और कार्रवाई होने की बात मीडिया से छिपाने की पूरी कोशिश की। डीएफओ राजवीर सिंह खुद मौके पर पहुंचे लेकिन उनका फोन नहीं लगा। एसडीओ आरके सक्सेना ने कई बार फोन लगाने के बाद भी रिसीव तक नहीं किया। मौके पर मौजूद रेंजर अभिजीत ने से जब बात करना चाही तो उन्होंने दोपहर 3.30 बजे भी किसी कार्रवाई या अतिक्रमण की जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। इस तरह से पूरा अमला इस बड़ी घटना पर पर्दा डालने में जुटा दिखाई दिया। ऐसे ही कारणों से वन भूमि अतिक्रमण का शिकार हो रही है, वन लगातार कट रहा है और शिकायत करने वालों पर हमले हो रहे हैं।


वर्जन...
्रवनभूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर गजराज मीणा पर प्राणघातक हमला हुआ है। गफ्फार और उसके पांच लडक़े आरोपी हैं। केस दर्ज हो गया है, छह में से चार गिरफ्तार भी कर लिए गए हैं। गांव में पुलिस बल तैनात है। शीघ्र ही शेष दोनों आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
-विनायक वर्मा, एसपी विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
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