बच्चों से भरी स्कूल बस को डंपर ने मारी टक्कर

बस और डंपर दोनों पलटे, बस में सवार थे 30 बच्चे, फंसे बच्चों को गांव वालों ने बच्चों को बस से निकाला।

विदिशा। बच्चों को लेकर स्कूल जा रही एक निजी बस को रेत से भरे डम्पर ने टक्कर मार दी। धतूरिया तिराहे पर हुए इस हादसे में डम्पर और बस दोनों ही पलट गए। स्कूल में सवार 30 में से 09 बच्चों को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सूचना मिलते ही विधायक, कलेक्टर और एसपी सहित बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। घटना सुबह सवा दस बजे नेशनल हाई वे पर धतूरिया के पास ओलम्पस स्कूल के ठीक सामने की है।

गेट से निकली ही थी बस
ज्ञान ज्योति स्कूल की बस ग्रामीण बच्चों को लेकर ओलम्पस स्कूल के सामने से मेन रोड पर आ रही थी, इसी दौरान विदिशा की ओर से आ रहे नर्मदा सेंड से भरे डम्पर ने तेजी से आते हुए उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में डम्पर रोड से नीचे उतरकर पलट गया और स्कूल बस मेन रोड पर ही पलट गई। डम्पर और स्कूल बस दोनों के ड्राइवर फरार हो गए। बच्चों की चीखपुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े आए और बस में से बच्चों को निकाला। खबर मिलते ही डायल 100, पुलिस और एसडीएम रविशंकर राय आ पहुंचे। एसपी विनीत कपूर भी घटनास्थल पर जा पहुंचे। बस में सवार घायल बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में मची चीखपुकार
जिला अस्पताल का सर्जीकल वार्ड बच्चों की चीखपुकार से भर गया। विधायक कल्याण सिंह, कलेक्टर अनिल सुचारी, एसपी विनीत कपूर सहित एसडीएम, तहसीलदार आदि भी अस्पताल पहुंच गए। वहां उन्होंने बच्चों की खैरियत पूछी और सिविल सर्जन डॉ. संजय खरे को बच्चों के बेहतर उपचार के लिए कहा। कलेक्टर ने सिविल सर्जन से कहा कि आवश्यकता होने पर बच्चों को तत्काल भोपाल में किसी भी अच्छे अस्पताल में पहुंचाएं और मुझे बताएं।

बदहवास से परिजन ढूंढते रहे बच्चे
उधर बच्चों के परिजनों को जैसे-जैसे सूचना मिलते गई वे बदहवास से अस्पताल पहुंचकर अपने बच्चों को ढूंढते रहे। अस्पताल में दाखिल केजी-1, 2 के बच्चे घटना से बहुत घबराए हुए थे। कुछ बच्चों के तो परिजन ही दो घंटे तक नहीं पहुंच सके थे, ऐसे में एक ५ साल की बच्ची लक्ष्मी खूब रोये जा रही थी। कलेक्टर सुचारी उसके पास पहुंचकर उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बार-बार उसे चुप हो जाने के लिए पुचकारते रहे। वे कहते रहे बेटा मत रोओ, मम्मी जल्दी से आ रही है।

ये हुए घायल
अर्जिता 05 वर्ष बंडवा, लक्ष्मी 05 वर्ष हीरापुर, लकी 07 वर्ष मनकापुर, अभिषेक धतूरिया, सुहाना धतूरिया, अंशु धतूरिया, राशि धतूरिया, शांति धतूरिया और लक्की धतूरिया को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सिविल सर्जन के अनुसार कुछ बच्चों का सीटी स्कैन कराना पड़ सकता है।

आसिफ सिद्दीकी
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