ट्रकों की हड़ताल से हर दिन 50 लाख का कारोबार ठप

ट्रकों की हड़ताल से हर दिन 50 लाख का कारोबार ठप
ट्रकों की हड़ताल से हर दिन 50 लाख का कारोबार ठप

Bhupendra Malviya | Updated: 06 Oct 2019, 11:58:03 AM (IST) Vidisha, Madhya Pradesh 464001, India

हड़ताल लंबी चली तो अन्य कारोबार पर भी पड़ेगा असर

विदिशा। प्रदेश में शुरू हुई ट्रांसपोर्ट की हड़ताल से जिले में भी ट्रकों के पहिए थमने लगे हैं। शनिवार को अधिकांश ट्रक शहर के विभिन्न मार्गों पर खड़े हो गए। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक इस हड़ताल से जिले में उनका हर दिन करीब 50 लाख का कार्य प्रभावित होगा। वहीं हड़ताल लंबी चली तो बाहर से कोई सामान जिले में नहीं आ पाएगा वहीं जिले से भी सामान जाना रुकेगा और इसका असर हर व्यापार पर पड़ेगा।


सुबह विवेकानंद चौराहे के पास विदिशा ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी एकत्रित हुए एवं अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक मांगें मंजूर नहीं होगी यह हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान मनमोहन त्रिवेदी, मोहन सरदार, धीरजसिंह, भूरेलाल यादव, मानसिंह यादव, देवीसिंह, बलराम, हरीबाबू लोधी, राजेश अग्रवाल, अमित सेन, सुखदेवसिंह आदि मौजूद रहे। पदाधिकारियों का कहना है कि यह हड़ताल डीजल एवं पेट्रोल में 5 प्रतिशत वेट वृद्धि वापस लेने, प्रदेश के समस्त परिवहन चैक पोस्टों पर गुंडा तत्वों व परिवहन कर्मचारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली के कारण इन चैक पोस्टों को बंद किए जाने आदि मांगें शामिल है।

जिले में है 1500 ट्रक
ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय भंडारी का कहना है कि जिले में करीब 1500 ट्रक है। हड़ताल के कारण यह ट्रक ट्रांसपोर्ट कार्य से बाहर नहीं जा पाएंगे वहीं बाहर से भी करीब 150 ट्रकों की शहर में आवाजाही रहती है। यह ट्रक भी नहीं आने से शकर, तेल व किराने का अन्य सामान, दवा, उद्योग आदि का कार्य प्रभावित होगा। इस हड़ताल से हर दिन करीब 50 लाख का नुकसान व्यवसाय प्रभावित रहेगा।


त्यौहारी बाजार होगा प्रभावित
मालूम हो कि इस माह दशहरा, के साथ ही दीपावली का त्यौहार भी है। व्यापारियों के मुताबिक दीपावली पर करीब 20 करोड़ का त्यौहारी व्यवसाय रहता है, लेकिन हड़ताल लंबी चली तो यह त्यौहारी बाजार बुरी तरह प्रभावित होगा। बाजार में आवश्यक सामग्रियों की कमी होने की नौबत बनेगी और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

अनाज व्यापारियों को ज्यादा नुकसान
इस हड़ताल का सबसे अधिक असर अनाज व्यापारियों पर पडऩे वाला है। अभी मंडी में 40 से 50 ट्रक तक अनाज बाहर भेजा जा रहा है। पूरी तरह ट्रक बंद होने से यह अनाज का बाहर जाना बंद हो जाएगा और हर दिन ढाई से तीन करोड़ तक का नुकसान होगा। वहीं मंडी में आवक सीजन भी शुरू होना है। धान और सोयाबीन की आवक के दौरान मंडी में 80 से 100 ट्रक प्रतिदिन अनाज बाहर जाता है। अगर हड़ताल लंबी चली तो यह नुकसान हर दिन पांच-छह करोड़ तक पहुंच जाएगा।

 

एसोसिएशन की सभी मांगें वाजिब है और सरकार को इस ओर शीघ्रता से ध्यान देना चाहिए। इस हड़ताल में डीजल पेट्रोल टैंकर भी शामिल हो चुके हैं। इससे लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ेगी।
संजय भंडारी, अध्यक्ष, ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन

 

 

हड़ताल लंबी चली तो अनाज व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित होगा। अनाज बाहर न भेज पाने की स्थिति में अनाज का क्रय नहीं कर पाएंगे और नीलाम कार्य बंद करने की नौबत बनेगी।
राधेश्याम माहेश्वरी, अध्यक्ष अनाज तिलहन संघ

ट्रकों की हड़ताल शुरू होने के पहले ही दिन से माल की बुङ्क्षकग और डिलीवरी बंद हो चुकी है। हड़ताल शीघ्र समाप्त कराने की तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए।
घनश्याम बंसल, पूर्व महामंत्री, व्यापार महासंघ

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