कर्ज से हारा चार मासूम बच्चों का किसान पिता, बूढ़े माता-पिता के एकलौते सहारे ने की खुदकुशी

कर्ज और फिर फसल बर्बादी से दुखी किसान ने की आत्महत्या, घर में फांसी का फंदा बनाकर की खुदकुशी..

By: Shailendra Sharma

Updated: 05 Sep 2020, 10:34 PM IST

विदिशा. मध्यप्रदेश में सोयाबीन फसल की बर्बादी और कर्ज में डूबे एक किसान ने आत्महत्या कर ली। विदिशा जिले के शमशाबाद तहसील के डंगरवाड़ा गांव के एक युवा किसान ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। किसान बूढ़े माता-पिता का एकलौता सहारा था, चार मासूम बच्चों के पिता और युवा किसान की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया है। किसान का नाम बलवीर लोधी था जिस पर करीब चाढ़े चार लाख रुपए का कर्ज होने की बात सामने आई है।

फसल आने पर कर्ज चुकाने की बात आई सामने
तहसीलदार सत्यनारायण सोनी ने बताया कि मृतक 35 वर्षीय बलबीर लोधी के नाम से कोई जमीन नहीं है, वह हर साल बटिया पर जमीन लेकर खेती करता था, लेकिन किसी कारण से उसने इस बार बटिया पर खेत नहीं लिया था। उसकी मां के नाम करीब 4 बीघा जमीन है, उस पर सोयाबीन की फसल थी, जिसमें बलबीर मदद करता था। लेकिन इस बार यह फसल भी प्रभावित हुई और सोयाबीन उतना अच्छा नहीं है। मृतक युवक के परिवार में उसके बुजुर्ग माता-पिता के साथ ही पत्नी और चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। बच्चों की उम्र 8 वर्ष से 2 वर्ष के बीच है। मृतक के परिजनों से हुई चर्चा में यह बात सामने आई है कि बलबीर ने साढ़े चार लाख कर्ज ले रखा था, जिसमें से करीब पौने दो लाख रूपए की राशि पिता ने चुका दी थी, शेष राशि भी फसल आने पर चुकाने की बात कही थी। वहीं एसडीएम प्रवीण प्रजापति ने कहा कि आत्महत्या मामले में शासन की ओर से कोई मदद का प्रावधान नहीं है, इसलिए हम मजबूर हैं। उधर सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता राजेश यादव मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए 5 हजार रूपए परिजनों को तात्कालिक रूप से दिए।

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