जिले के किसानों पर कृषि उपकरण खरीदी में हर वर्ष 9 करोड़ का भार

जीएसटी के कारण बन रही ऐसी नौबत

By: Krishna singh

Published: 27 Nov 2019, 06:23 AM IST

विदिशा. किसान पहले से ही कर्ज की गिरफ्त में है। उसे कृषि कार्यमें राहत नहीं मिल पा रही उल्टा जीएसटी ने उसकी समस्या और बढ़ा दी है। इससे उसके कृषि उपकरण पहले से ज्यादा महंगे हो गए और इस खरीदी में किसान को हर वर्ष करीब 9 करोड़ की अतिरिक्त राशि का भार उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि पूर्वमें कृषि उपकरण कम कीमत में मिल जाते थे, लेकिन अब 18 प्रतिशत जीएसटी इन उपकरणों की खरीदी में लगने लगी और इससे कृषि उपकरण पहले से अधिक महंगे हो चुके हैं। उपकरण विक्रेता भी इस बात को स्वीकार रहे। वही कृषि यंत्र निर्माताओं ने बताया कि लोहे पर 18 प्रतिशत जीएसटी के कारण ऐसी स्थिति बनी। लोहा महंगा होने से उपकरण भी महंगे हुए हैं।

हर वर्ष 50 करोड़ का व्यवसाय
कृषि यंत्र विक्रेता रूपसिंह किरार के मुताबिक जिले में हर वर्ष कृषि उपकरणों में विद्युत डीजल पंप, विद्युत मोटर, पाइप, स्प्रिंकलर सेट, सीड ड्रिल, कल्टीवेटर, ट्रॉली, प्लाऊ आदि यंत्रों की खरीदी में 50 करोड़ रुपए का व्यवसाय होता है। इस व्यवसाय में लगभग 9 करोड़ रुपए किसानों को जीएसटी के देने पड़ते हैं। पूर्वमें सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगता था लेकिन पिछले दो वर्ष से यह टैक्स खत्म कर इन उपकरणों में 18 प्रतिशम जीएसटी लगने लगी। इससे कृषि यंत्रों के दाम बढ़ गए और किसानों पर राशि का अतिरिक्त भार बढ़ गया है।

सबसिडी वाले उपकरण बाजार से महंगे
वहीं किसानों का कहना है कि उपकरणों पर खरीदी सिर्फ छलावा है। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं में शासन द्वारा लघु सीमांत किसान एवं बड़े किसानों को 25 से 50 प्रतिशत तक सबसिडी देना शामिल हैं पर इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाता। किसानों ने बताया कि यह सबसिडी के उपकरण महंगे दामों पर मिलते हैं जबकि नकद राशि में इन उपकरणों को कम दामों में खरीदा जा सकता है। वहीं व्यापार महासंघ के पूर्वमहामंत्री एवं खाद-बीज विक्रेता संघ के संरक्षक घनश्याम बंसल का कहना हैकि सरकार कृषि कार्यको लाभ का धंधा बनानी चाहती है तो सरकार को कृषि संबंधी उपकरणों व वस्तुओं पर टैक्स कम करना चाहिए और यह सरकार के हाथ में भी है।

जीएसटी का यह पड़ा असर
कृषि यंत्र- पूर्वरेट वर्तमान रेट
डीजल पंप- 31000 -37720
विद्युत मोटर-16000 -17920
सिंचाई पाइप-541 -605
सीड ड्रिल -35000 -46000
कल्टीवेटर- 20000 -25000
ट्रॉली- -160000-180000


कृषि यंत्रों में सबसिडी का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा, क्योंकि सबसिडी के यंत्र बाजार से महंगे होते हैं। किसानों को खुले बाजार में खरीदी की छूट होना चाहिए व कृषि यंत्र जीएसटी से मुक्त रखा जाना चाहिए।
-लाखनसिंह मीणा, किसान नेता

कृषि यंत्र निर्माताओं के लिए लोहे पर जो 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है उसका सेट आप किया जाए। 6प्रतिशत राशि वापस मिलने के नियम हैं, लेकिन इसका लाभ नहीं मिल रहा।
-विनोद गुप्ता, कृषि यंत्र, निर्माता

Krishna singh
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