Food sample : चार दिन में सेंपल की जांच आने का दावा, सवा महीने में भी नहीं आई रिपोर्ट

Food sample : चार दिन में सेंपल की जांच आने का दावा, सवा महीने में भी नहीं आई रिपोर्ट

Anil Kumar Soni | Updated: 08 Aug 2019, 03:33:12 PM (IST) Vidisha, Vidisha, Madhya Pradesh, India

रिपोर्ट की देरी से नहीं हो पा रही कार्रवाई

विदिशा। खाद्य सामग्री Food item के सेंपल sample की जांच रिपोर्ट report चार दिन में देने का दावा प्रदेश सरकार ने किया था। लेकिन जिले में स्थिति यह है कि विगत महीने भेजे गए सेंपल की जांच रिपोर्ट सवा माह बाद भी नहीं आ सकी है। ऐसे में न तो मिलावटखोर पकड़ में आ पा रहे और न ही उनके खिलाफ कार्रवई हो हो पा रही है।

 

मिलावटी खाद्य सामग्री विक्रय पर लगाम कसने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को प्रत्येक खाद्य सामग्री के सेंपल प्रतिदिन लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इन खाद्य सामग्री के सेंपल भोपाल स्थित विभाग की लैब में जांच के लिए जाते हैं। लेकिन इन दिनों प्रदेशभर में मिलावटी दूध, मावा सहित विभिन्न्न प्रकार की खुली और पैक खाद्य सामग्रियों के सेंपल खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए जा रहे हैं। इसमें एसडीएम, तहसीलदार से लेकर अन्य राजस्व अधिकारी, नगरपालिका और पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई लगातार कर रही है।

18 दिन में भेजे 60 सेंपल
विगत माह के पूर्व तक प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी को खाद्य सामग्री के सिर्फ चार सेंपल लेने के निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों को थे। जिसके चलते जिले में पांच खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा हर माह 20 सेंपल खाद्य सामग्री के लेकर भोपाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजे जाते थे। लेकिन पिछले माह के तीसरे सप्ताह से प्रदेश सरकार द्वारा मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए मुहिम शुरु की गई, तो खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा सेंपलिंग लेने की गति भी बढ़ गई। पहले एक माह में जहां जिले से सिर्फ 20 सेंपल जांच के लिए जाते थे।

 

 

एक जुलाई से 20 जुलाई तक तो सिर्फ छह सेंपल ही खाद्य सामग्री के लिए गए थे। लेकिन सरकार के निर्देश के बाद स्थिति यह बनी कि 21 जुलाई से सात अगस्त तक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा महज 18 दिन में खाद्य सामग्री के 60 सेंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे गए। इस मुहिम में एसडीएम, तहसीलदार जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

प्रदेशभर से बड़ी संख्या में सेपल आने से बने हालात
मालूम हो कि सरकार के निर्देश के बाद प्रदेशभर में दूध, दही, मिठाई, खुली खाद्य सामग्री, पैक खाद्य सामग्री सहित अन्य खाद्य सामग्री के सेंपल लेने में जैसे ही तेजी आई, तो स्थिति यह बनी कि भोपाल स्थित खाद्य विभाग की लैब में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में सेंपल पहुंचने लगे। ऐसे में सरकार के दावे धरे के धरे रह गए और चार दिन में रिपोर्ट आना तो दूर पहले जहां एक पखवाड़े में रिपोर्ट आ जाती थी, वह भी नहीं आ पा रही है।

 

स्थिति यह बन रही है कि एक से डेढ़ माह की पेंडेंसी खाद्य सामग्री के सेंपल की रिपोर्ट आने में हो रही है। विदिशा जिले से ही जुलाई और अगस्त माह के एक दिन पूर्व तक के भेजे गए कुल ६६ सेंपल में से एक की भी रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है। ऐसे में लैब में इन खाद्य सामग्रियों के सेंपल को कैमिकल लगाकर सुरक्षित रखना पड़ रहा है।

जांच के इंतजाम नहीं, सेंपल पर जोर
प्रदेश सरकार ने मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रय को रोकने के लिए अधिकारियों को अधिक से अधिक सेंपल लिए जाने पर तो खूब जोर दिया, लेकिन प्रदेशभर से आने वाले खाद्य सामग्री के सेंपल की जांच के इंतजाम और नहीं बढ़ाए। इस कारण भोपाल लैब में पेंडेंसी बढ़ रही है।

रिपोर्ट आने पर हो सकेगी कार्रवाई
भोपाल लैब में पेंडेंसी अधिक होने के कारण जांच रिपोर्ट नहीं आ पा रही हैं, इस कारण मिलावटी खाद्य सामग्री विक्रय वालों के नाम सामने नहीं आ पाने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी उन पर नकेल नहीं कस पा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जब जांच रिपोर्ट आएगी, तभी मिलावटखोरों के नाम सामने आएंगे। इसके बाद ही उनके मामले एडीएम कोर्ट में भेजे जाएंगे, जहां से जुर्माने के साथ ही सजा की कार्रवाई की जाती है।


इनका कहना है
भोपाल स्थित विभाग की लैब में प्रदेशभर से खाद्य सामग्री के अधिक सेंपल पहुंच जाने के कारण उनकी जांच में समय लग रहा है। इस कारण जुलाई माह के एक भी सेंपल की जांच रिपोर्ट सवा महीने बाद भी नही आ सकी है।
- एलीजाबेथ एडलिन पन्ना, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, विदिशा

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