छात्राओं ने अधीक्षक पर लगाया ऐसा आरोप कि जानकर आप रह जाएंगे हैरान....

Deepesh Tiwari

Publish: Nov, 15 2017 03:26:05 (IST)

Vidisha, Madhya Pradesh, India
छात्राओं ने अधीक्षक पर लगाया ऐसा आरोप कि जानकर आप रह जाएंगे हैरान....

छात्रावास में रहने वाली छात्राएं अधिकारियों की मनमर्जी के चलते होती हैं परेशान, साफ—सफाई व भरपेट खाना नहीं देने की शिकायत

 

विदिशा। जिले की सिरोंज तहसील में सरकार द्वारा बेटियों की पढ़ाई और छात्रावास में उनके रहने के लिए तमाम सुविधाएं देने के नाम पर लाखों रूपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की मनमर्जी के चलते छात्रावास में छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं समय पर भोजन तक नहीं दिया जाता है और शौचालय तक साफ करवाए जाते हैं।

 

ऐसा ही मामला मंगलवार को सामने आया। जिसके तहत भोपाल रोड स्थित बालिका छात्रावास की छात्राओं ने एसडीएम बृजेश शर्मा को ज्ञापन सौंपकर अधीक्षिका के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि उनसे छात्रावास के शौचालय की साफ-सफाई करवाने के साथ ही भरपेट भोजन तक नहीं दिया जाता है।

भोपाल रोड स्थित बालिका छात्रावास की बालिकाओं ने एसडीएम शर्मा को बताया कि अधीक्षिका मधुवाला विश्वकर्मा द्वारा उन्हें समय पर भरपेट भोजन नहीं दिया जाता है। भोजन के नाम पर कई बार सिर्फ दो-दो रोटीयां दी जाती हैं और सब्जी भी पर्याप्त नहीं दी जाती और जो सब्जी मिलती है वह भी स्वादिष्ट नहीं रहती। मेन्यू अनुसार भी खाना नहीं दिया जाता है।

वहीं जो भी छात्रा यदि पर्याप्त भोजन नहीं मिलने की शिकायत करती है, तो उसके साथ डांट-फटकार की जाती है। छात्राओं के अनुसार एक-दो बार तो उनके साथ मारपीट तक की जा चुकी है। इसके अलावा शौचालय की सफाई करवाने के अलावा पूरे हॉस्टल की साफ-सफाई भी उन्हीं से करवाई जाती है। छात्राओं का कहना था कि अधीक्षिका के पति विकासखंड शिक्षा अधिकारी हैं। इस कारण वे मनमानी करती हैं।

 

छात्राओं का कहना था कि मामले की जांच करते हुए छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं जिससे सारी वास्तवितकता सामने आ जाएगी और छात्राओं को आए दिन परेशान नहीं होना पड़ेगा और उन्हें भरपेट भोजन भी मिल सकेगा।

... तो छात्रावास से निकाल दूंगी

छात्राओं ने एसडीएम को बताया कि वे छात्रावास अधीक्षिका से काफी प्रताडि़त हैं और विरोध करो तो कहती हैं कि यदि कहीं भी उनकी शिकायत की, तो वे छात्रावास से निकाल देंगी। इसी डर के कारण वे अब तक शिकायत प्रशासन से नहीं कर पा रहीं थीं। लेकिन अति होने पर मबजूरन उन्हें शिकायत करने आना पड़ा। छात्राओं ने बताया कि जब भी कोई छात्रावास में जांच करने आने वाला होता है तो उन्हें पहले ही डरा-धमकाकर कुछ नहीं बोलने के लिए कह दिया जाता है। इस कारण वे शिकायत भी नहीं कर पा रहीं थीं।

मजबूरी है इसलिए पढ़ा रहे हैं

छात्राओं के साथ आए उनके परिजनों का कहना था कि उनकी बेटियां छात्रावास में होने वाली असुविधाओं की शिकायत तो उनसे करती हैं, लेकिन वे निम्न तबके से हैं और निजी हॉस्टल का खर्चा नहीं उठा सकते इसलिए मजबूरी में बेटियों को छात्रावास में ही रहने दे रहे हैं। छोटेलाल औरओमकार राम बाई आदि पालकों ने बताया यदि अब भी उनकी बेटियों पर हो रहे अत्याचार बंद नहीं हुए और बेटियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिली, तो वे बेटियों को हॉस्टल से निकालने को मजबूर होंगे और ऐसे में उनकी बेटियों की आगे की पढ़ाई बंद हो जाएगी।

जो आरोप लगाए गए हैं वे सब निराधार हैं

पहले तो मैं बच्चियों से बात कर लूं कि कहीं शिकायत करने वाली छात्राएं दूसरी छात्रावास की तो नहीं हैं। पहले भी दूसरे छात्रावास की शिकायत हुई, तो हमारा नाम आया था। छात्रावास में बच्चियों को मेन्यू के अनुसार भरपेट भोजन दिया जाता है। जो भी आरोप लगाए गए हैं वे सब निराधार हैं। केवल रविवार को किचिन गार्डन कम्बाइंड होने के कारण कियारी बनवाते है और दूबा जरूर तुड़वाते है।

मधुवाला विश्वकर्मा, अधीक्षक, छात्रावास

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