चना खरीदी का समय पर नहीं हो रहा भुगतान, कैसे होगी बोवनी?

केसीसी पर ढाई माह के बाद भी किसानों को नहीं मिल रही राशि

By: Satish More

Published: 07 Jun 2018, 10:16 AM IST

विदिशा. मानसून दहलीज पर है। किसान खरीफ फसल की बोवनी की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन चना खरीदी का भुगतान लंबे समय से नहीं हो पाने के कारण किसानों की जेब खाली है। वहीं केसीसी पर भी ढाई माह बाद भी राशि नहीं मिल पा रही है। ऐसे में खरीफ की फसल की बोवनी कैसे होगी, यही चिंता किसानों को सता रही है।

वहीं जिम्मेदार इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। खरीदी केंद्रों पर चना बेचने के बाद कई किसानों के खाते में १५-20 दिन से लेकर डेढ़ माह बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान नहीं हो पाने से कई किसान सोसायटी का पिछला रुपया जमा नहीं कर पा रहे, इससे उन्हें खरीफ की फसल के लिए सोसायटी से खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है।

वहीं नकलके लिए उनके पास रुपए नहीं हैं। किसान बैंक के चक्कर लगाकर परेशान हैं। कराखेड़ी के किसान खूपसिंह दांगी ने बताया कि 17 मई को तौल हुई थी, अब तक खाते में राशि नहीं आई। भीमसिंह दांगी के खाते में भी डेढ़ माह बाद राशि नहीं आई है।

जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक ने किसानों से केसीसी का पिछला बकाया तो 31 मार्च तक जमा करवा लिया और एक अप्रैल से केसीसी की राशि दी जाना थी, लेकिन जिले के किसान केसीसी के लिए आए दिन बैंक जाने के बावजूद निराकरण नहीं निकल पा रहा है।

जिम्मेदारों को नहीं पता, कितने किसानों को हुआ भुगतान
किसानों को भुगतान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिम्मेदारों को ही यह नहीं पता है कि अब तक कितने किसानों को खरीदी का भुगतान हो चुका है। जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक के सीईओ विनय प्रकाश सिंह से जब 'पत्रिकाÓ ने पूछा कि कुल कितने किसानों को अब तक चना, मसूर और सरसों की खरीदी का भुगतान हो चुका है, तो उनका कहना था कि इस संबंध में एक-एक सोसायटी से फोन लगाकर जानकारी लेना है। अभी इसके संबंध में उनके पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। वहीं वह यह भी नहीं बता पाए कि कुल कितनी राशि का भुगतान किसानों को होना है।

१५ मई को पचमा केंद्र पर ४० क्विंटल चना बेचा था, जिसका भुगतान आज तक नहीं हो पाया है। जबकि खरीफ की बोवनी अगले हफ्ते ही करना है। बाजार, बैंक और सोसायटी का कर्ज है। चना खरीदी का भुगतान नहीं हो पाने के कारण काफी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- हिम्मतसिंह, किसान, रायपुर

४५९ करोड़ रूपए खरीदी के भुगतान के लिए आया था, इसमें से ४०० करोड़ का भुगतान कर दियाा गया है और ५९ करोड़ का भुगतान किसानों के खातों में डालना शेष है। कुल कितने किसानों से खरीदी की और कितने किसानों के खातों में राशि डाली यह आंकड़ा हमारे पास नहीं है। एक-एक सोसायटी से कलेक्ट करना पड़ेगा।
- विनय प्रकाश, सीईओ, जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक
केसीसी की राशि बैंक ने 31 मार्च तक जमा करवा ली थी और एक अप्रैल से दोबारा राशि दी जाना थी। लेकिन सवा दो माह बीत जाने के बावजूद केसीसी की राशि अब तक नहीं मिल पाई है। जबकि खरीफ की बोवनी अगले हफ्ते होना है। ऐसे में आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- मोहरसिंह मीणा, किसान, परसूखेड़ी

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