कैप में रखे-रखे सड़ गई सौ बोरे धान, हटाए बिना ही नई धान खरीदी की तैयारी

बिना खरीदी के ही बीता पहला दिन, बारदाने और सर्वेयर की समस्या से जूझे खरीदी केन्द्र...

By: govind saxena

Updated: 03 Dec 2019, 11:13 AM IST

विदिशा. जिले के सभी 8 केन्द्रों पर सोमवार से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी होना थी, लेकिन अधिकांश केन्द्रों पर पहले दिन पूरे इंतजाम ही नहीं हो सके। कहीं बारदाना नहीं था तो कहीं सर्वेयर का पता नहीं था।

इतना ही नहीं केवल दो केन्द्रों पर ही धान बेचने के लिए जिले के कुल 97 किसानों को एसएमएस भेजे जा सके थे, यानी 8 में से 6 केन्द्रों पर धान बेचने के लिए पहले दिन एसएमएस ही नहीं भेजे जा सके। किसी भी केन्द्र पर धान की खरीदी शुरू नहीं हो सकी।

उधर नई मंडी में जिन कैपों में धान खरीदी के बाद रखी जाना है, उनमें से एक पर करीब सौ बोरे सड़ा हुए धान के बोरों का ढेर लगा है। ये धान पिछले साल से यहीं पड़ा है और अब इसी जगह नया धान खरीदने की तैयारी चल रही है।


विदिशा की नई अनाज मंडी में तीन खरीदी केन्द्र स्थापित किए गए हैं। लेकिन यहां जिन कैपों पर धान का भंडारण किया जाना है, उसमें से दो के चबूतरों पर सड़े हुए धान के करीब 100 बोरे पड़े थे। लगातार पानी में सड़ते रहने के कारण यह धान मवेशियों के काम का भी नहीं बचा है। लेकिन न तो विपणन विभाग, न वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन और न ही मंडी प्रशासन ने इसे हटवाने की जरूरत भी नहीं समझी। इसी तरह दूसरे कैप पर बड़ी मात्रा में सड़े और फटे हुए बारदानों का ढेर यहां लगा हुआ था।


जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए कुल 8 केन्द्र बनाए गए हैं, इसमें से पैक्स विदिशा, जैतपुरा और हांसुआ केन्द्रों को नई मंडी परिसर में स्थापित किया गया है। पहले दिन यहां सुबह 12 बजे टेंट और बैनर लगाने का काम चल रहा था। कमरों से कांटे और अन्य सामान निकाला जा रहा था। सर्वेयर मौके पर नहीं पहुंचे थे। ऑपरेटर अंकित व्यास सहित कुछ अन्य कर्मचारी मौजूद थे। मौके पर सहकारिता विस्तार अधिकारी एमएस भदौरिया निरीक्षण के लिए पहुंचे भी पहुंचे और अपनी रिपोर्ट तैयार की।

पहले दिन दो केन्द्रों के सिर्फ 97 एसएमएस
सूत्रों के अनुसार जिले भर में 2 दिसम्बर से खरीदी शुरू करना थी, लेकिन भोपाल से जारी होने वाले मैसेज जिले के 8 केन्द्रों में से मात्र 2 खरीदी केन्द्रों के लिए ही जारी हुए। इनमें से 7 एसएमएस हांसुआ खरीदी केन्द्र(नई मंडी) और 90 एसएमएस विदिशा मार्केटिंग खरीदी केन्द्र(ढोलखेड़़ी) के लिए थे। शेष किसी भी खरीदी केन्द्र के लिए किसी भी किसान को एसएमएस ही जारी नहीं हुए थे तो खरीदी का प्रश्न ही नहीं उठता।

इंदौर, दतिया, रायसेन जाएगी धान
विदिशा में खरीदी गई धान मुख्य रूप से इंदौर, दतिया और रायसेन के मिलों को जाएगी। वे ही यहां की धान उठाकर उससे चावल निकालेंगे और फिर यह चावल नागरित आपूर्ति निगम को दे दिया जाएगा। बदले में नागरिक आपूर्ति निगम मिलों को उनकी प्रोसेसिंग की राशि का भुगतान करेंगे।

सर्वेयर खुद समितियों के होंगे
कई केन्द्रों पर पहले दिन बारदाने की समस्या के साथ ही सर्वेयरों की समस्या रही। कई लोगों को यह पता नहीं था कि सर्वेयर कौन भेजेगा, किसके सर्वेयर होंगे। लेकिन जिला विपणन कार्यालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि समितियों को अपने सर्वेयर की व्यवस्था खुद करना होगी। जो खरीदी जाने वाली धान की गुणवत्ता परखकर उसे पास या रिजेक्ट करेंगे।



नई मंडी के धान के कैप में रखा खराब धान सौ बोरे नहीं है। हमने वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन को यह धान उठाने के लिए कह दिया है। अब तक क्यों नहीं उठाए ये वेयरहाउसिंग की जिम्मेदारी थी। कैप उनके ही अधीन हैं।
- विनोद उपाध्याय, जिला विपणन अधिकारी विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
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