विदिशा में बर्फ जमी, फसलों को मारा पाला

दिन का तापमान थोड़ा कम हुआ, रात का बढ़ा

By: govind saxena

Published: 30 Dec 2018, 10:28 AM IST

विदिशा. तेजी से बढ़ती सर्दी के कारण विदिशा में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। कई जगह बर्फ जम गई तो कई जगह पेड़-पौधों को पाला मार गया। लोग सुबह उठे तो खेतों और वाहनों पर बर्फ की पर्त जम चुकी थी। हालांकि शनिवार को न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री की बढ़ौतरी हुई है,जबकि अधिकतम तापमान 0.9 डिग्री की कमी आई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 4.5 तथा अधिकतम तापमान 23.1 रिकार्ड किया गया। अगले दो-तीन दिन मौसम इसी तरह रहने का अनुमान है।

शुक्रवार-शनिवार की दरम्यिानी रात गजब की सर्द रही। शनिवार की सुबह जब लोग उठे तो उनके लिए आश्चर्यजनक स्थिति सामने आई। रमपुरा के राम लोधी ने अपने खेत के फोटो भेजकर यह बताया कि सुबह उनके खेत में किस तरह तसलों में भरा पानी जम गया, जब उसे निकाला गया तो वह बर्फ की एक पर्त के रूप में सामने आया। इसी तरह खेत और पाइपों पर भी बर्फ की पर्त जम गई।

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स्प्रिंग फील्ड के डायरेक्टर योगेन्द्र सिंह राणा ने अपने स्कूल परिसर के फोटो शेयर करते हुए यह बताया कि स्कूल परिसर में खड़ी उनकी कार पर बर्फ की मोटी पर्त जमी हुई थी। परिसर में अन्य जगह भी बर्फ की सफेद चादर थी। भैरोंखेड़ी के प्रगतिशील कृषक संजय राठी ने बताया कि उनके खेत में भी सुबह बर्फ की सफेद चादर बिछी थी।

तुषार-पाले के कारण उनके बगीचे में लगे पपीते और केले के पेड़ो ंको भारी नुकसान हुआ है और ये पौधे बिल्कुल मुरझा गए हैं। कृषि महाविद्यालय सीहोर के डॉ एसएस तोमर ने बताया कि ऐसे हालात में कई जगह पाला पडऩे की आशंका बनी रहती है, जिससे फसलों को नुकसान होता है। 26 दिसम्बर को न्यूनतम तापमान 7.5 था, जो 27 दिसम्बर को एकदम से गिरकर 4 डिग्री पर आ गया। एकदम से 3.5 डिग्री की कमी से पौधों पर प्रतिकूल असर पडऩा स्वाभाविक है।

 

उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे सल्फर का छिड़काव करें और नियमित सिंचाई कर अपनी फसलों को पाले से बचाएं। रोजाना माधव उद्यान में घूमने वालों की संख्या भी अच्छी खासी रहती है। लेकिन भारी सर्दी के कारण शनिवार की सुबह माधव उद्यान में 6-7 बजे के बीच चुनिंदा लोग ही पहुंचे। जो आए वे भी गर्म कपड़ों में पूरी तरह पैक होकर निकले और जल्दी ही वापस हो लिए। इसी तरह सुबह अन्य जगह भी निकलने वालों की संख्या कम ही रही। जगह-जगह अलाव जलाकर दिन में भी लोग तापते रहे।

govind saxena Bureau Incharge
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