तीन साल मेें अवैध कॉलोनियों की आई बाढ़, सोती रही नपा और प्रशासन

नपा में अभी सिर्फ तीन साल पुरानी सूची ही मौजूद

By: govind saxena

Published: 10 Feb 2021, 09:54 PM IST

विदिशा. नगर की सीमाएं चौतरफा बढ़ी हैं, नए मार्ग और सुविधाएं भी बढ़ी हैं, लेकिन इनके साथ ही कॉलोनियों का जाल भी खूब बिछ गया है। हर मार्ग पर कॉलोनाइजर्स ने खेतों को खत्म कर कॉलोनियों का निर्माण कर दिया। प्लॉटिंग खूब हुई और हो रही है, कई तो मकान बनाकर दे रहे हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश के पास न तो कोई लायसेंस है और न अनुमतियां। अवैध कॉलोनियों की भरमार है। सस्ते के फेर में आकर लोग अपने जीवन भर की कमाई फंसा रहे हैं, लेकिन हद तो ये हो गई कि नगरपालिका को पिछले तीन साल में पूरे शहर और आसपास एक भी अवैध कॉलोनी नजर नहीं आई। उसके पास जो सूची है वह 2017 की है जिसमें 75 अवैध कॉलोनियां दर्ज हैं। अब जबकि कमिश्नर ने सख्ती दिखाई है तो सबके हाथ पांव फूले हुए हैं।


नगरपालिका में अवैध कॉलोनियों की जो सूची मौजूद है उसमें 7 दिसंबर 2017 तक की स्थिति है। यानी तीन साल से भी ज्यादा पुरानी सूची है ये। 2018, 2019 और 2020 पूरा निकल गया, इस दौरान नगर में जैसे कॉलोनियों की बाढ़ सी आ गई है। सागर रोड, बायपास, ढोलखेड़ी, अशोकनगर रोड, गुरारिया रोडे, सांैठिया रोड, डाबर रोड सहित तमाम दिशाओं में कॉलोनियों का जाल है। ये अवैध हैं या वैध ये खुद नगरपालिका और प्रशासन को भी नहीं पता।

अपना पैसा फंसाकर परेशान होते हैं खरीदार
विभिन्न अनुमतियों के बिना ही कई कॉलोनाइजर प्लाटिंग और भवन बनाकर भी दे रहे हैं। ऐसे में ये प्लॉट वैध और सुविधायुक्त कॉलोनियों की तुलना में थोड़े सस्ते हैं, साथ ही लुभावने वादों का भी लब्बोलुआब है, इससे आकर्षित होकर आम आदमी बिना पड़ताल के ही अपनी जिंदगी भर की कमाई और लोन लेकर ऐसे कॉलोनियों में भी प्लॉट और मकान खरीद लेते हैं और फिर कॉलोनी के सभी प्लॉट बिकने के बाद कॉलोनाइजर मुड़़कर भी नहीं देखते कि उपभोक्ता किस हाल में हैं। इन कॉलोनियों में से अधिकांश में न तो रोड ठीक से विकसित होता है और न नालियां, लाइट, पानी, पार्क आदि न होने से लोग वर्षों तक नर्क सा जीवन भोगते रहते हैं।

कमिश्नर ने दिए हैं सख्त निर्देश
हाल ही में भोपाल संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने विदिशा और रायसेन के कलेक्टर समेत राजस्व के सभी अनुविभागीय अधिकारियों की बैठक ली थी, जिसमें उन्होंने अवैध कॉलोनियों पर सख्ती करने के संकेत देते हुए कहा था कि 10 दिन में अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर वहां की सुविधाएं देखें। अन्यथा भोपाल से आई टीम को अगर खामियां मिलीं तो एसडीएम निलंबित होंगे।

एसडीएम कार्यालय से भी जारी हुए नोटिस
कमिश्नर की बैठक और उनके निर्देश के बाद विदिशा एसडीएम कार्यालय से 166 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। राजस्व निरीक्षकों को उनके क्षेत्र में बनी अवैध कॉलोनियों की पड़ताल करने और रिपोर्ट देने कहा गया है।

नपा ने भी तीन दिन में मांगी सूची
उधर कॉलोनियों की सूची 2017 में बनाने के तीन साल बाद भोपाल संभागायुक्त की डांट से नगरपालिका की खुमारी भी टूटी है। उसने भी अपने नाकेदारों को पत्र लिखकर तीन दिन में अवैध कॉलोनियों की सूची बनाने को कहा है। अब ये काम कितना पुख्ता और सही होता है ये आने वाला समय बताएगा। हालात तो ये हैं कि अधिकांश कॉलोनियां बिना लायसेंस, बिना टी एंड सीपी की अनुमति, जमीन के उपयोग की गलत जानकारी और रेरा की अनुमतियों के बगैर ही बन रही हैं।


--
अवैध कॉलोनियों की सूची 2017 की ही है। 2018 में ज्यादा नहीं बनीं। 2019-20 में जरूर कॉलोनियों की बाढ़ आई है। हमने नाकेदारों को तीन दिन में अवैध कॉलोनियों की सूची बनाकर देने को कहा है।
-सुधीर कुमार सिंह, सीएमओ विदिशा

--
आयुक्त ने बैठक लेकर अवैध कॉलोनियों को चिन्हित करने और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 20 फरवरी तक रिपोर्ट देना है। एसडीएम और नपा की टीम जुटी है। बिना अनुमतियों के और विकास अनुमतियों में जानकारी छिपाकर कॉलोनी बनाने और सरकारी जमीन कब्जा कर कॉलोनियां काटने वाले चिन्हित किए जा रहे हैं। केस तैयार कर एफआइआर भी कराएंगे।
-डॉ पंकज जैन, कलेक्टर विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned