Govt.College : नियमितिकरण का किया था वादा और एक-एक कर निकाल रहे सभी अतिथि विद्धान

वेतन का भी नहीं हुआ पूरा भुगतान, कॉलेजों में विद्यार्थियों की हो रही पढ़ाई प्रभावित...

विदिशा@अनिल कुमार सोनी की रिपोर्ट...

जिलेभर के शासकीय कॉलेजों से एक-एक कर अतिथि विद्धानों को फालन आउट के तहत कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। अतिथि विद्धानों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने चुनाव पूर्व उन्हें नियमित करने का वादा किया था और अब एक-एक कर सभी अतिथि विद्धानों को निकालने का काम बीच सेशन में किया जा रहा है। जबकि उनकी जगह पर पीएससी से आ रहे सहायक प्राध्यापक समय पर नियुक्ति नहीं ले रहे। जिससे शासकीय कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

शासकीय गल्र्स कॉलेज की अतिथि विद्धान कीर्ति पटेल, डॉ. उमा शर्मा, अनीता मालवीय, चंदनसिंह अहिरवार, डॉ. वसुंधरा गुप्ता आदि ने बताया कि शासकीय गल्र्स कॉलेज में कुल आठ अतिथि विद्धान थे। जबकि जिलेभर के शासकीय कॉलेजों में करीब 80 से ज्यादा अतिथि विद्धान हैं, जो करीब पांच वर्ष से अधिक समय से कॉलेजों में विभिन्न विषयों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।

लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा अपने वादा अनुसार अतिथि विद्धानों को नियमित तो नहीं किया, अपितु एक-एक कर सभी अतिथि विद्धानों को कॉलेजों से बाहर करने का काम किया जा रहा है। वहीं भी बीच सेशन में ऐसा किए जाने से जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रहे है। वहीं अतिथि विद्धानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

गत वर्ष का भुगतान भी है शेष
अतिथि विद्धानों ने बताया कि इस साल का करीब छह माह से अधिक का वेतन का भुगतान कई अतिथि विद्धानों का शेष है। वहीं विगत वर्ष का भी करीब तीन माह से अधिक राशि का भुगतान शेष है। इसके साथ ही अतिरिक्त कक्षाएं पढ़ाए जाने की राशि का भी भुगतान शेष है और यह राशि पूरी दी नहीं और कॉलेज से बाहर कर दिया।

प्रदर्शन करने जा रहे भोपाल
सरकारी कॉलेजों से एक-एक कर अतिथि विद्धानों को निकाने का सिलसिला प्रदेशभर में चल रहा रहा। जिसके चलते जिन अतिथि विद्धानों को कॉलेज से बाहर निकाल दिया गया है, वे सभी अतिथि विद्धान प्रतिदिन भोपाल प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे हैं। जिलेभर से भी अतिथि विद्धान प्रतिदिन भोपाल प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे हैं।

जिलेभर में शासकीय कॉलेजों में करीब 80 से अधिक अतिथि विद्धान हैं। इनमें से एक-एक कर आधे से ज्यादा अतिथि विद्धानों को कॉलेज से निकाल दिया गया है और उनके स्थान पर पीएससी से आने वाले सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। जबकि प्रदेश सरकार ने चुनाव पूर्व अतिथि विद्धानों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन नियमित करना तो दूर अब अतिथि विद्धानों को कॉलेज से बाहर निकालने का काम किया जा रहा है। ऐसे में अतिथि विद्धानों के सामने आर्थिक संकट आ गया है और परिवार चलाना मुस्किल होगा। सरकार को अपने वादे पर अमल करना चाहिए।
- डॉ. दुर्गेश लसगरिया, जिला अध्यक्ष, अतिथि विद्धान, विदिशा

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दीपेश तिवारी
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