सात सौ अखंड ज्योतियों से जगमगा रहा ज्वाला मां का दरबार

दुर्गानगर के ज्वालादेवी मंदिर में जगमगा रहे हैं आस्था के अखंड दीपक

By: govind saxena

Published: 18 Oct 2020, 07:52 PM IST

विदिशा. शक्ति की आराधना के इस पर्व में देवी के विभिन्न रूपों में उनकी आराधना की जाती है। इन्हीं में से एक रूप उनका ज्योति रूप है। देवी के कई मंदिरों में प्रतिष्ठापित प्रतिमाओं के साथ ही उनके ज्योतिरूप की भी आराधना हो रही है। दुर्गानगर के ज्वालादेवी मंदिर में पूरे नवरात्र में 700 से ज्यादा अखंड ज्योतियां श्रद्धालुओं द्वारा प्रज्जवलित कराई गई हैं। इनमें से आस्था अनुसार लोगों ने शुद्ध घी और तेल की ज्योतियां जलवाई हैं। पूरा ज्योति दरबार जगमगाते दीपों की आभा से रोशन है। लोग प्रतिमा के दर्शन के साथ ही ज्योति दरबार के दर्शन करना नहीं भूलते। इसी तरह निकासा के जगधात्री माता मंदिर और चूना वाली गली स्थित सिद्धीदात्री मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी नवरात्र में अखंड ज्योतियां जलवाई गई हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं को मंदिर के पुजारी और सेवक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ दीपक की स्थापना कराकर दीप उन्हीं के हाथों प्रज्जवलित कराते हैं, लेकिन पूरे नौ दिन तक उसके अखंड रूप से प्रज्जवलित रहने का दायित्व मंदिर से जुड़े लोगों का ही रहता है।

govind saxena Bureau Incharge
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