कोरोना काल की दीपावली पर पहले से तीन गुना ज्यादा के जमीन जायदाद के सौदे

पहले की तुलना में खूब उछला रीयल एस्टेट

By: govind saxena

Published: 17 Nov 2020, 08:20 PM IST

विदिशा. कोरोना काल भले ही मंदी का दौर लेकर आया हो, लेकिन अगर रीयल एस्टेट के क्षेत्र में देखें तो पिछली दीपावली से करीब तीन गुना ज्यादा राशि की रजिस्ट्रियां इस दीपावली के पांच दिनों में हुईं हैं। इससे रीयल एस्टेट में खूब उछाल दिखी है, बिल्डर्स भी खूब खुश हैं और खरीदारों ने भी अपने सपनों के जमीन और मकान की रजिस्ट्रियां दीपावली पर कर इस क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता दी है।
जिला पंजीयन कार्यालय की मानें तो पुष्य नक्षत्र पर 7 नवंबर को 63 रजिस्ट्रियां हुईं जिनसे 18 लाख 74 हजार का राजस्व सरकार को मिला। इसी प्रकार दीपावली त्योहार के शुरुआती पांच दिनों में 9 नवंबर से 13 नवंबर तक 402 रजिस्ट्रियां हुईं जिनसे सरकार को 1 करोड़ 92 लाख 52 हजार रूपए से ज्यादा राजस्व मिला। यह रजिस्ट्रियां और राजस्व की यह राशि पिछले साल दीपावली के पांच दिनों में हुई रजिस्ट्रियों और राजस्व की राशि से करीब तीन गुना ज्यादा हैं। इसे कोरोना काल की मंदी के दौर में जबर्दस्त उठाव माना जा रहा है।


इसी तरह 1 अप्रेल से 31 अक्टूबर तक हुई रजिस्ट्रियोंं और उनसे मिलने वाले राजस्व की बात करें तो यहां भी काफी अंतर आया है। कोरोना संक्रमण तेजी पकडऩे के साथ ही जिले में पूरे अप्रेल माह और 17 मई तक रजिस्ट्रार ऑफिस और रजिस्ट्रियां पूरी तरह बंद थीं, इसलिए इन करीब 47 दिन तो रजिस्ट्रियां हो ही नहीं पाईं। इसके बाद भी 11 स्लॉट से रजिस्टियां शुरू हुईं, जो काफी समय बाद बढ़ाकर 22 और फिर 33 स्लॉट कर दी गईं। इससे जमीन-जायदाद की रजिस्ट्रियों पर अंकुश लगा रहा। इसके बाद भी पिछले साल अप्रेल से अक्टूबर तक रजिस्ट्रियों से मिले राजस्व में कमी नहीं बल्कि बढ़ौतरी ही आई है। जहां 2019 अप्रेल से अक्टूबर तक 51 करोड़ से ज्यादा का राजस्व जमीन जायदाद के सौंदों से मिला था, वहीं तमाम बंदिशों और मंदी के शोर के बावजूद इस कोरोना काल में 52 करोड़ 63 लाख रूपए की राजस्व राशि सरकार को विदिशा जिले से मिली है। जो यह बताने के लिए काफी है कि कोरोना काल में रीयल एस्टेट में मंदी नहीं रही और इस कारोबार ने पिछले साल की तुलना में ज्यादा तेजी से छलांग लगाई है। वहीं यह भी साफ हुआ है कि लोगों ने तमाम निवेशों से ज्यादा भरोसा और रूचि जमीन जायदाद की खरीदी और उसमें निवेश में दिखाई है।

2019 दीपावली पर रजिस्ट्रियां
तारीख- 22 से 26 अक्टूबर तक
रजिस्ट्रियां- 178
राजस्व मिला-6041672रूपए

2020 दीपावली पर रजिस्ट्रियां
तारीख- 9 से 13 नवंबर तक
रजिस्ट्रियां- 402
राजस्व मिला-19252661 रूपए


इस तरह बढ़े रजिस्ट्रियों के स्लॉट
जिला पंजीयन कार्यालय के क्षेत्राधिकार मेें सात तहसीलों में रजिस्ट्रियां होती हैं, इसके हिसाब से हर तहसील के लिए रजिस्ट्रियों के स्लॉट निश्चित किए गए हैं। कोरोना कॉल में जब करीब 47 दिन बाद रजिस्ट्रियां शुरू हुईं तो 11 स्लॉट खोले गए। यानि हर तहसील में एक दिन में केवल 11 रजिस्ट्रियां ही हो सकतीं थीं। इसके बाद 22 और फिर बढ़ाकर सभी तहसीलों में स्लॉट की संख्या 33 कर दी गई है।

उछाल का यह रहा कारण
जानकारों की मानें तो जमीन जायदाद की खरीदारी में लोगों की रूचि बढऩे के पीछे दो बड़े कारण रहे हैं। पहला कारण तो कोरोना काल की मंदी को देखते हुए लोगों ने अन्य स्थानों और विकल्पों में निवेश की जगह अपने खुद के मकान और जमीन खरीदकर उसे सबसे सुरक्षित निवेश माना हैे, ताकि वह उनकी आंखों के सामने रहे और वे उसका समयानुसार उपयोग भी कर सकें। दूसरा महत्वपूर्ण कारण यह भी रहा है कि प्रदेश सरकार ने नगरीय क्षेत्र में दिसंबर तक होने वाली रजिस्ट्रियों पर से नगरीय निकायों को जाने वाले 2 प्रतिशत शुल्क में छूट दे रखी है, इसका भी बड़ा फायदा खरीदारों को मिला है।

क्या कहते हैं बिल्डर...
बालाजी बिल्डर्स के डायरेक्टर मयंक जैन कहते हैं कि यह सही है कि इस बार रीयल एस्टेट में बड़ा उछाल आया है। लोगों ने इसे सुरक्षित निवेश मानते हुए जमीन-मकान की खरीदी को प्राथमिकता दी है। अधिकमास से दीपावली तक यह कारोबार काफी अच्छा रहा है। इस दिशा में लोगों ने आगे आकर अपना निवेश किया है।


वर्जन...
पिछले वर्ष की दीपावली की तुलना में इस बार दीपावली के पांच दिनों में करीब 3 गुना ज्यादा राजस्व रजिस्ट्रियों से शासन को मिला है। रजिस्ट्रियों में भी पिछले साल की दीपावली की तुलना में दोगुने से ज्यादा की बढ़ौतरी हुई है।
-उपेंद्र कुमार झा, जिला पंजीयक विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
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