बारिश रोकेगी प्रमुख रास्ते

बारिश रोकेगी प्रमुख रास्ते
Vidisha photo

Shankar Sharma | Publish: Jun, 15 2015 11:33:00 PM (IST) Vidisha, Madhya Pradesh, India

 जिले में कई प्रमुख मार्ग बारिश पूर्व दुरूस्त नहीं हो पाए, जिससे यह मार्ग बारिश में आफत बनेंगे और सौ से अधिक गांव का आवागमन जिला मुख्यालय से कट जाएगा

विदिशा। जिले में कई प्रमुख मार्ग बारिश पूर्व दुरूस्त नहीं हो पाए, जिससे यह मार्ग बारिश में आफत बनेंगे और सौ से अधिक गांव का आवागमन जिला मुख्यालय से कट जाएगा।

मालूम हो कि जिले में वर्षो से कई प्रमुख मार्ग बन रहे हैं। जिनमें कुछ मार्ग अधूरे रह गए और कुछ सड़कें गुणवत्ता पर खरी न उतरने से निर्माण के साथ ही उखड़ती गई। बारिश पूर्व जिला मुख्यालय से तहसीलों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों को दुरूस्त किए जाने का कार्य शीघ्रता से होना था, लेकिन इस कार्य को शासन एवं जिला प्रशासन ने तवज्जो नहीं दी, जिससे बारिश में इन सड़कों से जुड़े गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है। वहीं यात्री परिवहन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी सड़कों की हालत से परेशान दिखाई दे रहे हैं।

विदिशा-बैरसिया मार्ग

करीब पांच साल से यह मार्ग बन रहा है। जितना बना वह भी खराब हो चुका और सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ने लगी है। खामखेड़ा से भटखेड़ी तक करीब 9 किमी मार्ग पूरी तरह उखड़ा हुआ है। सड़क पर सिर्फ गिट्टे और मिट्टी है। इस मार्ग पर करीब 30 गांव पड़ते हैं। बारिश में सड़क की हालत और अधिक खराब हो जाएगी। जिससे दुपहिया, चार पहिया वाहन एवं यात्री बसों का परिवहन रूकेगा और ग्रामीणों को परेशान होना पड़ेगा। लंबे चक्कर लगाकर मंजिल तय करना होगी।

बासौदा-सिरोंज मार्ग

करीब 40 किमी की यह सड़क भी बुरे हाल में है। परिवहन कर्मचारियों का कहना है कि कार्य में गुणवत्ता पर ध्यान न देने से मार्ग बनते ही उखड़ता रहा। पूरी सड़क खराब हालत में होने के कारण निजी वाहनों को अंबानगर से मेहलुआ चौराहा होकर सिरोंज जाना पड़ रहा है। जिससे करीब 20 किमी का चक्कर लग रहा है। अभी यह हालत है तो बारिश में इस सड़क पर वाहन चल पाना मुश्किल भरा हो जाएगा।

शमशाबाद-विदिशा

इस मार्ग पर करीब 25 गांव है। चार साल से सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। दो साल काम बंद होकर अब दुबारा शुरू हुआ है। सड़क का आधार ठीक नहीं है और चार साल से काम चलने के बाद भी अभी करीब सात किमी सड़क का कार्य अधूरा है। बारिश पूर्व यह कार्य शीघ्रता से पूरा नहीं किया गया तो यह सात किमी का मार्ग वाहन चालकों के लिए परेशानी भरा होगा।

विदिशा-गढ़ी मार्ग

करीब 40 किमी का यह मार्ग दो साल पहले ही बना और अब इस पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। हालत यह है कि अहमदपुर से गढ़ी तक इस सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया। जिससे खेतों मे से वाहन निकल रहे हैं। बारिश में खेतों में पानी भराने के कारण वाहनों के यह रास्ते भी बंद हो जाएंगे और परिवहन रूक जाएगा। इस सड़क से करीब 20 गांव के ग्रामीण जुड़े हैं, जो बारिश के दौरान विदिशा आना-जाना नहीं कर पाएंगे।

मरीजों की आफत

नागरिकों का कहना है कि इन खराब सड़कों के कारण सर्वाधिक परेशानी मरीजों और प्रसूताओं की होगी। गांवों से उन्हें नजदीकी ब्लाक मुख्यालय के अस्पताल पहुंचाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कई गांवों के रास्तों की हालत यह है कि वहां चार माह तक आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाएगी।

जिले की सड़कों को समय रहते दुरूस्त नहीं किया गया तो इन मार्गो पर यात्री बसें बंद करने की नौबत बनेगी। अन्य वाहन भी नहीं चल पाएंगे। कई शिकायतों के बाद भी कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे हर साल परेशानी होती है। कैलाश नागर, मैनेजर बस कंपनी

हमारे विभाग से संबंधित सभी सड़कें दुरूस्त कराई जा रही हैं। जहां कार्य अधूरा है उसे पूरा कराया जा रहा। सड़कों के गड्ढे भरे जा रहे हैं। विदिशा-गढ़ी मार्ग आगे खराब है, जो रायसेन में आता है। कुछ मार्ग आरडीसी के हैं जो हमारे कार्यक्षेत्र में नहीं आते। जीपी वर्मा, कार्यपालन यंत्री लोनिवि

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned