कम हो गई मैगी की खपत

कम हो गई मैगी की खपत
Vidisha photo

Shankar Sharma | Publish: Jun, 04 2015 11:37:00 PM (IST) Vidisha, Madhya Pradesh, India

यूपी में मैगी के पैकेट्स में रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक मिलने का असर विदिशा शहर में भी देखने को मिल रहा है

विदिशा। यूपी में मैगी के पैकेट्स में रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक मिलने का असर विदिशा शहर में भी देखने को मिल रहा है। विगत एक सप्ताह में मैगी की खपत कम हो गई है। गुरूवार को खाद्य विभाग और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मैगी के थोक विक्रेता के यहां नमूने लिए।

नेस्ले कंपनी के मैगी नूडल्स के थोक विक्रेता प्रदीप ट्रेडर्स पर सहायक खाद्य अधिकारी शिवकुमार पांडे, खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण एडलिन एलिजाबेथ पन्ना, किरण श्रीवास्तव एवं एसएस खत्री जांच करने पहुंचे। जिससे आसपास के दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति रही। खत्री ने बताया कि मैगी के पैकेट के नमूने भोपाल लैब में भेजे जाएंगे। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा स्वर्णकार कॉलोनी में पातंजलि नवरत्न आटे और रामलीला चौराहा पर दो किराना दुकानों से दालचीनी के नमूने लिए।

हर माह थी दो लाख रूपए की बिक्री

मैगी नूडल्स के थोक विक्रेता प्रदीप जैन ने बताया कि शहर में प्रति माह मैगी की खपत दो लाख से ढाई लाख रूपए होती थी, जो अब हजारों में भी नहीं हो रही है। शहर में ही छोटी-बड़ी 200 दुकानों से मैगी की बिक्री होती थी, लेकिन अब कोई भी दुकानदार मैगी लेने नहीं आ रहा है। खपत नहीं होने के कारण उन्होंने भी थोक में मैगी बुलवाना बंद कर दिया है। वहीं कई दुकानदारों का कहना है कि मैगी नूडल्स में घातक रसायन मिलने के बाद लोगों ने उपयोग बंद कर दिया।

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