साढ़े सात किलो चांदी के जेवर पहनकर आएंगी बांसकुली की महाकाली

बांसकुली की महाकाली हो रहीं तैयार

By: govind saxena

Published: 16 Oct 2020, 06:57 PM IST

विदिशा. बांसकुली की काली हैं, इनकी शान निराली है...। के उद्घोष के साथ कुम्हार गली से शनिवार को महाकाली अपने स्थापना स्थल बांसकुली पहुंचेंगी, जहां निरंतर 70 वर्ष से नवरात्र में उनकी प्रतिमा की स्थापना हो रही है। महाकाली मूर्तिकार के घर से ही भक् तों द्वारा भेंट में दिए साढ़े सात किलो चांदी के जेवर पहनकर बांसकुली आएंगी। इसमें ढाई किलो चांदी का मुकुट भी शामिल है। पंडाल में सेनेटाइजर की व्यवस्था की जा रही है और रोजाना मास्क वितरण होगा।


बांसकुली की महाकाली उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष नितिन सिरभैया बताते हैं कि हमेशा की तरह इस बार भी महाकाली की प्रतिमा लीलाधर प्रजापति के परिवार में ही परसराम प्रजापति ने बनाई है। प्रतिमा की ऊंचाई 11 फीट की है, जबकि उनकी स्थापना के लिए 17 फीट का पंडाल बनाया गया है। नितिन बताते हैं कि यहां पिछले 70 वर्ष से हर साल महाकाली की प्रतिमा की स्थापना हो रही है। भक्तों द्वारा मन्नत पूरी होने पर जेवर दान दिए गए हैं, जिन्हें प्रतिमा निर्माण स्थल से ही पहनाकर और महाकाली को श्रंगारित कर बांसकुली लाया जाता है। इन चांदी के जेवरों में मुकुट, करधनी, बाजूबंद, पायलें आदि शामिल हैं। नितिन ने बताया कि उत्सव समिति के अध्यक्ष पवन नामदेव हैं। इस बार कोरोना काल है इसलिए झांकी स्थल पर सेनेटाइजर की व्यवस्था के साथ ही मास्क वितरण किया जाएगा। कोरोना संक्रमण के प्रति जागरुकता के आयोजन भी होंगे। रोजाना भक्तों द्वारा सवा क्विंटल भोग वितरण की व्यवस्था भी की गई है। अष्टमी को महाआरती का आयोजन होगा।

govind saxena Bureau Incharge
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