लोगों को कर रहे जागरुक, लेकिन बाजार में पॉलीथिन आने से रोकने में नाकाम है प्रशासन

- मनाही के बावजूद बाजार में खूब हो रहा पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग...
- प्रशासन से ज्यादा समाजसेवी आ रहे सजग नजर...

विदिशा। जिलेभर में भोपाल, इंदौर सहित अन्य जिलों से आने वाली पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर जिला प्रशासन रोक लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

जिसके चलते जिलेभर में धड़ल्ले से पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है और सरकार के मंसूबों पर पानी फेरा जा रहा है। जबकि कई समाजसेवी और नागरिक इसके उपयोग से दूरी बना रहे हैं और पॉलीथिन सहित सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणामों से लोगों को अवगत करा रहे हैं।

केंद्र सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक और 40 माइक्रान से कम मानक की पॉलीथिन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन इसका असर जिले में नजर नहीं आ रहा है। प्रतिबंध के बावजूद यहां इनका उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।

व्यापारियों के अनुसार शहर में प्रतिदिन करीब 50 किग्रा छोटी-बड़ी साइज की पॉलीथिन की खपत हो जाती है। बाजार में किराना दुकानदार से लेकर सभी प्रकार की दुकानों पर नागरिकों को पॉलीथिन में सामान धड़ल्ले से दिया जा रहा है।

नपा के पास ही सरेआम हो रहा पॉलीथिन का उपयोग
नगर में पॉलीथिन रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले विभाग नगरपालिका की सजगता का आलम यह है कि उससे महज 100 कदम की दूरी पर स्थित सब्जी मंडी में प्रतिदिन सब्जी और फल विक्रेता खुलेआम पॉलीथिन का उपयोग कर रहे हैं। नागरिकों को पॉलीथिन में ही सब्जी और फल आदि बेचने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है और नपा इनके खिलाफ कोई कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही है।

स्ट्रा, चम्मच, डिस्पोजल का भी उपयोग
शहर के जूस सेंटरों, चाय-नाश्ता की दुकानों आदि पर धड़ल्ले से सिंगल यूज स्ट्रा, चम्मच, डिस्पोजल, प्लेट आदि का उपयोग किया जा रहा है। वहीं नाश्ता आदि की दुकानों पर भी पॉलीथिन में खाद्य सामग्री दी जा रही है। लेकिन इस पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।

कई समाजसेवी वितरित कर रहे कपड़े के झोले
मालूम हो कि प्रशासन जहां पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने में जहां नाकाम साबित हो रहा है। वहीं कई समाजसेवी संगठन और जागरुक नागरिक लोगों को पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत करा रहे हैं। इनके द्वारा कार्यक्रम आदि आयोजित कर नागरिकों को निशुल्क कपड़े के छोटे-बड़े झोले दिए जा रहे हैं। वहीं यह समाजसेवी गली-मोहल्लों में जाकर पॉलीथिन भी बटोरकर एकत्रित कर रहे हैं।

नालियां हो रहीं अवरुद्ध
इन पॉलीथिन और डिस्पोजल के कारण शहर की अधिकांश नाले और नालियां अवरुद्ध हो रहे हैं। नपाकर्मियों को इनकी साफ-सफाई करने में भी दिक्कत होती है। शहर से निकलने वाले कचड़े में अधिकांश हिस्सा पॉलीथिन का ही रहता है।

इनका कहना है
पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक लोगों के लिए काफी हानिकारक है। हमें इसके दुष्परिणामों को समझते हुए इनका उपयोग बंद करना होगा। इसके लिए जब भी बाजार जाएं, तो घर से कपड़े का थैला लेकर जाएं। वहीं प्रशासन को भी इस मामले में सख्ती बरतनी चाहिए। तभी पॉलीथिन और सिंगलयूज प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लग सकती है।
- रीना बंशीबाल, समाजसेवी

नगर में पॉलीथिन का उपयोग करने वालों के खिलाफ नगरपालिका द्वारा लगातार कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग जारी है। इसके लिए नपा को निर्देशित किया जाएगा कि वह मुहिम चलाकर लगातार कार्रवाई करे, जिससे पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लग सके। इसके लिए व्यापारियों के साथ भी बैठक की जाएगी और उनसे इसमें सहयोग के लिए कहा जाएगा।
- प्रवीण प्रजापति, एसडीएम, विदिशा

Anil kumar soni
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