विधायक और अध्यक्ष साथ आए, नगर विकास के कई मुद्दों पर सहमति

अहम छोड़ दोनों साथ बैठे, नगर विकास के रास्ते खुलने की उम्मीद

विदिशा. पत्रिका की खबर के बाद सर्किट हाउस में विधायक और नपाध्यक्ष कुछ इस तरह नजर आए।
फोटो-वीएस1502-02 विदिशा. पत्रिका ने दोनों जनप्रतिनिधियों के टकराव की खबर 13 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
विदिशा. लम्बे समय से विधायक शशांक भार्गव और नगरपालिका अध्यक्ष मुकेश टंडन के बीच चल रही आपसी टसल के बाद परिषद की बैठक तक न हो पाने के कारण कई काम नहीं हो पा रहे थे। दोनों में जुबानी जंग छिड़ी थी, ऐसे में नगर के लोग कामकाज प्रभावित होने से परेशान थे। पत्रिका ने 13 फरवरी को पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री और चार नगरपालिका अध्यक्षों के बयानों के साथ इस स्थिति को प्रमुखता से उजागर किया। सभी का एक सुर में कहना था कि दोनों जनप्रतिनिधि आपसी अहम छोड़ नगर विकास में साथ आएं। इस खबर के बाद शुक्रवार को वह सुखद स्थिति सामने आई और नगर विकास के कई मुद्दों को लेकर विधायक और नपाध्यक्ष साथ बैठे, लम्बी बात हुई और कई मुद्दों पर सहमति बनी। हालांकि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह साथ और सहमति कब तक बने रहते है। बैठक के बाद विधायक और अध्यक्ष दोनों ने कहा कि विकास के लिए हममें से कोई भी नेगेटिव नहीं।

पत्रिका की खबर प्रकाशित होने के बाद गुरूवार की शाम को ही नपाध्यक्ष टंडन ने विधायक भार्गव से चर्चा कि और कहा कि नगरपालिका की बजट बैठक और कई अन्य मुद्दों पर आपसे चर्चा करना है। इस पर विधायक भार्गव ने सहमति दी और शुक्रवार की सुबह सर्किट हाउस में दोनों की बैठक तय हुई। अलग कमरे में क्षेत्र के इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की।

विधायक भार्गव ने पत्रिका को बताया कि अहम का टकराव कतई नहीं था। विरोध परिषद की बैठक के नियमानुसार न होने को लेकर था। उनका कहना था कि शहर विकास के प्रस्ताव रोके हैं? हमारा कहना था कि कानून परिषद की बैठक गलत थी। कभी भी कोई भी बैठक होती है तो उसमें पिछली बैठक के निर्णयों का अनुमोदन किया जाता है। जब मंैने इस बात को उठाया तो अध्यक्ष ने कहा था कि हमारे यहां ऐसे ही बैठकें होती हैं। मैं यदि बैठक को शून्य करा देता तो पिछली बैठकों का सच भी उजागर होता और परिषद भंग हो जाती। इसलिए मैंने बैठक शून्य नहीं कराई। इसके बाद भी यदि अध्यक्ष चाहते तो उस बैठक के प्रस्तावों को परिवर्तित कर एक माह बाद नई बैठक कर सकते थे, लेकिन उन्होंने राजनीति का रास्ता अख्तियार किया तो मुझे भी मुंंह खोलना पड़ा। लेकिन ये भी सही है कि इससे कहीं भी कोई विकास का काम प्रभावित नहीं हुआ। लेकिन शुक्रवार को हुई चर्चा में कई कार्यों पर हमारी सहमति बनी है। अब नपाध्यक्ष ने बजट बैठक के बारे में बात की है। उम्मीद है कि फरवरी के अंत या मार्च के शुरुवात में नपा की बजट बैठक होगी।


कई मुद्दों पर बनी सहमति-टंडन
नगर विकास और परिषद की बजट बैठक के सिलसिले में मैंने विधायक से बात की थी। हमारे बीच काफी अच्छे माहौल में बात हुई है। कई मुद्दों पर विधायक ने सहमति दी है। जल्दी ही बजट बैठक होगी। बैठक में हमने बसस्टेंड को गुठान पर शिफ्ट करने और इसके लिए जगह दिलवाने की बात विधायक से कही है। विधायक ने भी इस पर सहमति जताते हुए और जगह भी देखने को कहा है। ट्रांसपोर्ट नगर पर भी चर्चा हुई। बड़ा बाजार के हाथ ठेले पेढ़ी खाई क्षेत्र में भेजने पर बात हुई। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने पर भी सहमति बनी है। पुराने जिला चिकित्सालय भवन में नगरपालिका परिषद का कार्यालय शिफ्ट करने पर भी चर्चा हुई है। पीतलमिल चौराहे के हाथ ठेले आदि औद्योगिक क्षेत्र परिसर में शिफ्ट करने सहित अन्य कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। परिषद की निलंबित की गई बैठक पर यह निर्णय हुआ कि शासन निर्णय नहीं कर रहा है, इसलिए पिछली बैठक के जरूरी काम नई बैठक में नए सिरे से रखे जाएं और यह बजट बैठक के साथ ही हो जाए।


अतिक्रमण पर दोनों की एक राय
विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष दोनों ही नगर के अतिक्रमण को लेकर एक राय हैं। विधायक ने कहा कि अतिक्रमण हटाएं, लेकिन पहले उनको विस्थापित करने के इंतजाम करें। ऐसा नहीं जैसा दो दिन पहले किया था। पहले विधिवत ऐलान कराएं और सूचना दें फिर अतिक्रमण हटाएं। इसी तरह नपाध्यक्ष ने भी सहमति जताई कि अतिक्रमण हटाने के पहले लोगों को पुनर्वास के स्थान उपलब्ध कराए जाएं। अचानक से आकर गरीबों के सामान की तोडफ़ोड़ करना कतई उचित नहीं है।

govind saxena Bureau Incharge
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