उदयपुर के महल को खाली करने नोटिस, अवैध कब्जे का प्रकरण दर्ज

विधायक के निर्देश के बाद एसडीएम पहुंचे मौके पर, अवैध कब्जा हटेगा, मदरसा होगा बंद

By: govind saxena

Published: 10 Jan 2021, 08:22 AM IST

गंजबासौदा/विदिशा. उदयपुर के प्राचीन महल पर अवैध कब्जा प्रमाणित होने के बाद शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई। उदयपुर की विरासत को बचाने के लिए पत्रिका की मुहिम के चलते विधायक हरिसिंह सप्रे ने गंजबासौदा में अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद एसडीएम और तहसीलदार उदयपुर के महल पहुंचे और पूरा अवलोकन किया। एसडीएम ने महल को धरोहर मानते हुए उस पर अवैध कब्जा करने वाले काजी के खिलाफ केस दर्ज कराया और तीन दिन में महल खाली करने का नोटिस भी दिया है।


उदयपुर के प्राचीन महल को निजी संपत्ति घोषित कर उस पर कब्जे और उदयादित्य की नगरी को बचाने संबंधी मुहिम पत्रिका ने 6 जनवरी से लगातार छेड़ रखी है। इसे लेकर विभिन्न संगठनों ने भी मोर्चा खोलते हुए प्रशासनव को कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिए हैं। मुहिम को जनसमर्थन देख कुरवाई विध्पाायक हरिसिंह सप्रे ने शनिवार को गंजबासौदा के रेस्ट हाउस में हुई एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की बैठक बुलाई और उन्हें उदयपुर जाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सप्रे ने कहा था कि विरासत का प्रश्न है, नियमानुसार कार्रवाई करें, किसी भी संपत्ति पर अपना बोर्ड लगा देने से संपत्ति अपनी नहीं हो जाती। इसके बाद एसडीएम राजेश मेहता और नायब तहसीलदार दौजीराम उदयपुर पहुंचे और यहां महल का मुआयना किया। अधिकारियों ने देखा कि महल में अंदर की तरफ कुछ निर्माण भी कर लिया गया है। मौके पर काजी इरफान अली नहीं मिले, वे भोपाल में होना बताए गए।

शासकीय संपत्ति पर अवैध कब्जा-एसडीएम
उदयपुर से लौटकर एसडीएम राजेश मेहता ने पत्रिका को बताया कि हमने मौके पर जाकर देखा है। महल को एक-दो दिन में खाली करने को कहा है। शासकीय संपत्ति पर अवैध कब्जा तो है। महल राजा-महाराजाओं ने बनवाया था, वह धरोहर है। हमने तहसीलदार को कहा है कि इरफान अली के खिलाफ शासकीय संपत्ति पर अवैध कब्जे का केस दर्ज करें और महल को खाली कराएं। मेहता ने बताया कि यहां जो मदरसा संचालित था उसे भी बंद करने को कह दिया गया है।


इस बारे में हस्तक्षेप उचित नहीं
एसडीएम ने बताया कि महल पर कार्रवाई के संबंध में गंजबासौदा में काजी का पक्ष लेते हुए कुछ लोग आए थे, लेकिन हमने स्पष्ट मना कर दिया है कि यह शासकीय संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला है, इसमें किसी का भी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रकरण दर्ज, नोटिस जारी-नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार दौजीराम ने उदयपुर से लौटने के बाद पत्रिका को बताया कि उदयपुर के महल पर अवैध कब्जा करने के मामले में मप्र भू अभिलेख संहिता की धारा 248 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। संबंधित को नोटिस देकर तीन दिन में महल खाली करने को कहा गया है। अगर समयावधि में महल खाली नहीं किया गया तो प्रशासन खाली कराएगा।

सुनो एसडीएम, नोटिस नहीं कार्रवाई चाहिए-विधायक
उदयपुर मामले में विश्राम गृह में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे ने एसडीएम राजेश मेहता से नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा और बोले कि ये विरासत का प्रश्न है। अपना बोर्ड लगा लेने से कुछ नहीं होता। हमें नोटिस नहीं कार्रवाई चाहिए। बाद में विधायक ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री फार्म में हैं, मैं उन्हीं का चेला हूं, चिंता करने की जरूरत नहीं है, सब अच्छा ही होगा। गलत करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।

govind saxena Bureau Incharge
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