मासूम पर भी न आया मां-बाप को तरस

भोपाल निवासी एक महिला और विदिशा के बड़ा बाजार निवासी उसके पति का दिल तीन वर्षीय बालक की पुकार पर भी नहीं पसीजा। परिवार परामर्श

By: Ram kailash napit

Published: 29 Nov 2016, 11:22 PM IST


विदिशा.
भोपाल निवासी एक महिला और विदिशा के बड़ा बाजार निवासी उसके पति का दिल तीन वर्षीय बालक की पुकार पर भी नहीं पसीजा। परिवार परामर्श केंद्र में महीनों बाद पिता को देखकर बेटा उससे लिपट गया, लेकिन पति-पत्नी अपनी जिद पर अड़े रहे। उनमें समझौता नहीं हो सका।

काउंसलर किरण निगम ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व बड़ा बाजार निवासी राजेश (परिवर्तित नाम) की शादी भोपाल निवासी रीना (परिवर्तित नाम) से हुई थी। सास से विवाद होने के कारण रीना पति राजेश को भोपाल ले गई, लेकिन राजेश के अनुसार वहां उसके साले और रिश्तेदारों ने मारपीट की। इस कारण वह विदिशा आ गया।

रीना का कहना है कि राजेश ने कर्जा कर लिया इसलिए भोपाल से यहां आ गए। यहां आने पर कोई खर्चा नहीं उठाते। इसलिए वह विदिशा नहीं रह सकती। वहीं राजेश का कहना है कि वह विदिशा में रानी को रख सकता है, लेकिन भोपाल में उसके साथ नहीं रह सकता। दोनों के बीच समझौता नहीं हो सका।

दूसरी मंजिल बनेगी तो जाऊंगी ससुराल
'मेरी सास के कहने पर पति मेरे साथ विवाद करते हैं। ननद भी अपनी ससुराल से ज्यादा यहीं मायके में रहती हैं और विवाद करवाती हैं। पति से अलग रहने का कहती हूं तो वे मानते नहीं हैं। जब मकान की दूसरी मंजिल बन जाएगी, तब ससुराल जाऊंगी।
यह बात बरईपुरा निवासी महिला ने परिवार परामर्श केंद्र में कही। इसी शर्त पर पति-पत्नी में समझौता हुआ। पति खर्च के लिए रुपए देने भी तैयार हो गया।  काउंसलर किरण निगम ने बताया कि भोपाल निवासी कविता (परिवर्तित नाम) का विवाह बरईपुरा निवासी गोपाल (परिवर्तित नाम) से कुछ वर्ष पूर्व हुआ था। अब दोनों में विवाद होते हैं। कविता ने पति पर शराब पीकर झगडऩे, मायके न जाने देने, खर्च के लिए रुपए न देने के आरोप लगाए।
वहीं गोपाल का कहना है कि कविता कई बार बगैर बताए मायके चली जाती है। उसकी मां से विवाद करती है। इसलिए झगड़ा होता है। उसके यहां किराना दुकान होने से पैसों का कोई विवाद नहीं है।
Ram kailash napit Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned