नासिक से 11 दिन में 900 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे अपने गांव

सिरोंज। शहर से 18 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत गरेंठा में तीन मजदूर नासिक से पैदलकर११ दिन में ९०० किमी का सफर तय कर अपने गांव वापिस आए।

By: Anil kumar soni

Updated: 10 May 2020, 02:01 PM IST

इन मजदूरों ने बताया कि वह नासिक में कंपनी में बैट्री बनाने का कार्य करते थे। लॉकडाउन में वहीं फंस गए थे। जब तक राशन की व्यवस्था थी, तब तक वहीं रूके रहे। कंपनी के ठेकेदार ने भी उन्हें मेहनत के पैसे नहीं दिए। वहां के प्रशासन ने भी कोई मदद नही की। कई बार वहां के कट्रोल रूम में फोन लगाने पर एक समय ही भोजन के पैकेट मिल पाते थे। उसी भोजन को हम मिलबांट कर खा लेते थे।

मजदूर बृजेश अहिवार, मांगीलाल अहिरवार और सुखराम ने बताया कि खाने के भी लाले पडऩे लगे थे। इसलिए वहां के अधिकारियों से कई बार घर भेजने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
इस कारण फिर पैदल ही गांव वापस आने का मन बनाया और शुरु कर दिया पैदल सफल। इस दौरान रास्ते में कई जगह पुलिस वाले मिलें और उन्होने खाना खिलाया। सामजिक कार्यकर्ताओं ने भी मदद की। कभी दिनभर भूखे-प्यासे भी पैदल चले। हमारे अलावा कई लोग नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ सिर पर बैग रखकर लोग इधर-उधर जा रहे थे। 11 दिन तक निरंतर पैदल चले तब जाकर गांव आ पाए।

उन्होने कहा कि अब वे कभी गांव के बाहर काम करने नहीं जाएंगे। इन तीनो मजदूरों के गांव में आते ही युवा समाज सेवी सौरभ साहू ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और उनकी जांच कर इन्हें होम क्वारंटाइन किया।

Anil kumar soni Desk
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