चरणतीर्थ घाट पर श्रमदान से हुआ धर्मशाला का उद्धार

पत्रिका का अमृतम-जलम अभियान

By: Manoj vishwakarma

Published: 24 May 2018, 08:37 AM IST

विदिशा. बेतवा तट पर चल रहे पत्रिका के अमृतम-जलम अभियान में बुधवार को कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों व अन्य संगठनों ने श्रमदान किया। लगातार हुए इस श्रमदान से चरणतीर्थ घाट स्थित प्राचीन धर्मशाला का उद्धार हो गया है।



श्रमदान के लिए सुबह से श्रमदानी हर दिन की तरह चरणतीर्थ घाट पर एकत्रित हो चुके थे। कलेक्टर अनिल सुचारी, एडीएम एचपी वर्मा, एसडीएम रविशंकर राय भी श्रमदानियों की कतार में लगे रहे और मिट्टी, कचरे से भरी तगाडिय़ों को एक हाथ से दूसरे हाथों को देते रहे। श्रमदानियों की कतार के जरिए तगाडिय़ों की मिट्टी-कचरा घाट किनारे स्थित गड्ढों में भरी जाती रही। लगातार कईदिनों के श्रमदान यहां स्थित प्राचीन धर्मशाला अब अपने स्वरूप में दिखाईदेने लगी है। बाढ़ की मिट्टी से भरा इसका दहलान साफ हो चुका। सीढिय़ों पूरी तरह साफ हो गई। आसपास का कचरा आदि भी हटाया जा चुका है।

किया पौधरोपण

श्रमदान के बाद बेतवा तट स्थित स्मृति उद्यान में एडीएम वर्मा ने पौधरोपण किया। यह पौधरोपण उनकी शादी की सालगिरह पर किया गया। इस दौरान कलेक्टर, एसडीएम सहित बेतवा उत्थान समिति के सचिव अतुल शाह, मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे व विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी। इस मौके पर पर उन्होंने खुशी जाहिर की कि बेतवा की स्वच्छता के लिए पूरा नगर उत्साहित है। वहीं कलेक्टर सुचारी ने श्रमदान के इस कार्य को सराहा। उन्होंने कहा कि बेतवा एवं पर्यावरण को बचाने का अभियान लगातार चलेगा।

इस दौरान श्रमदान में जनपद पंचायत विदिशा के भारतभूषण, भूपेंद्र हुंडैत, सुनील जैन, सभी जीआरएस, एडीओ, उपयंत्री, पटवारी राजकुमार श्रीवास्तव, नाथूराम कीर, अतुल श्रीवास्तव, पंकज व्यास, विपुल शर्मा, प्रीति सेनी, नीतू शर्मा, भानु साहू,जितेंद्र राजपूत, वीरेंद्र शर्मा, पूरन पंथी, दुर्गसिंह रघुवंशी, घनश्याम सोनी।नियमित श्रमदानी नीलकंठ पंडित, सुधाकरराव मुले, हितेंद्र सिंह रघुवंशी, विनय जैन, उमरावसिंह रघुवंशी, जगन्नाथ गोहिया, लक्ष्मीबाई, विनोद शर्मा, दिनेश लोधी, रमेश विश्वकर्मा, सौरभ पटवा, दीपक विश्वकर्मा, मुकेश कुशवाह, सोहिल अहमद, परवेज खान सहित बलवीरसिंह तोमर, राकेश जैन, संजय प्रधान, इस्माइल खान, नीलू नरवरिया आदि बड़ी संख्या में श्रमदानी शामिल रहे।

Manoj vishwakarma Desk
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