स्टेडियम में दिखा खेलों का समागम, खिलाडियों का चयन

पांच वर्ष के बच्चों से लेकर 85 वर्ष तक के बुजुर्गों ने की हिस्सेदारी राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक्स और राज्य स्तरीय ताइक्वांडों

 

By: दीपेश तिवारी

Published: 12 Nov 2017, 03:32 PM IST

विदिशा। स्टेडियम में रविवार को सुबह से खेलों का समागम देखने को मिला। पांच वर्ष के बच्चों से लेकर 85 वर्ष तक के बुजुर्ग विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बड़े उत्साह के साथ हिस्सेदारी करते नजर आए। खेलों में बुजुर्गों के जोश को देखकर दर्शक भी दंग रह गए। दिनभर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं चलती रहीं। वहीं पुलिस लाइंस क्लब में राज्य स्तरीय ताइक्वांडों प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय टीम चयन प्रतियोगिता दिनभर चलती रही।

 

जिला मास्टर एथलेटिक्स एसोसिएशन द्वारा जिला स्तरीय चयन प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। जिसमें अगले माह जबलपुर में होने वाली राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए खिलाडिय़ों का चयन किया गया। खेलों के शुभारंभ अवसर पर भोपाल से मप्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव तथा इंटरनेशनल एथलेटिक्स जोधा सिंह ने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें खेलों टिप्स बताए और वे दिनभर स्टेडियम में ही खिलाडिय़ों के बीच रहे। स्टेडियम में सुबह नौ बजे से ही बुजुर्ग खिलाड़ी पहुंचने लगे थे। अधिकतम आयु 85 वर्ष के डॉ. यूआर बिजवे ने भी विभिन्न खेलों में हिस्सेदारी की। इस दौरान कोई बुजुर्ग खिलाड़ी बड़े ही जोश के साथ भाला फेंक रहा था, तो कोई गोला या तबा फेंक रहा था। वहीं 100 मीटर से लेकर 5 हजार मीटर की दौड़ में भी बुजुर्गों ने बड़-चढ़कर हिस्सेदारी की। खेलों में बुजुर्गों का उत्साह देख सभी अचंभित हुए। जिला मास्टर एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि 10 दिसम्बर को जबलपुर में राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता होगी। जिसके लिए रविवार के खिलाडिय़ों का चयन कर लिया गया है। वहीं फरवरी में देहली में राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं होंगीं। इन प्रतियोगिताओं में 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सेदारी करेंगे।

 

ये जाएंगे राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में

जिला मास्टर एथलेटिक्स एसोसिएशन अध्यक्ष श्रीवास्तव ने बताया कि जबलपुर में होने वाली राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करने के लिए खिलाडिय़ों का चयन रविवार को किया गया। इनमें डिस्कस थ्रो के लिए 85 वर्षीय डॉ. यूआर बिजवे सहित सुरेखा पाल, शशि राठौर, ऊषा दुबे, आशा अहिरवार, मालती राठौर, लालता प्रसाद तिवारी, लीलाधर सोनी, कैलाश चौहान, कमल राठौर, हुकमसिंह, राकेश सूर्यवंशी, मुन्नालाल तिवारी, योगेश कुलश्रेष्ठ, पालसिंह अहिरवार, सुनील शर्मा, हरिनारायण राठौर, केएन शर्मा, अतीक खान और देवेंद्र झॉ आदि शामिल हैं।

उत्साह से कर रहे थे नन्हे-मुन्ने फाइट

स्टेडियम में सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री कप ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने किया। उन्होंने खिलाडिय़ों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद विभिन्न खेलों का शुभारंभ हुआ। कराते प्रतियोगिता के दौरान नन्हे-मुन्ने जब फाइटिंग कर रहे थे, तो वे लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसी प्रकार लम्बी कूद, दौड़, फुटबॉल, कबड्डी, बॉलीबॉल, कुश्ती सहित विभिन्न प्रतियोगिता हुईं। जिनमें ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों आए खिलाडिय़ों ने हिस्सेदारी की। दोपहर तीन बजे खेलों के समापन पर विधायक कल्याणसिंह दांगी आए और विजेताओं को पुरस्कृत किया। विजेता खिलाड़ी जिला स्तरीय आयोजन में हिस्सेदारी करेंगे।

इधर, राज्य स्तरीय ताइक्वांडों के लिए चयन

जिला ताइक्वांडों संघ के संस्थापक दिलीप थापा ने पुलिस लाइंस क्लब में जिला स्तरीय ताइक्वांडों चयन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विदिशा के साथ ही सिरोंज और गंजबासौदा आदि क्षेत्रों से खिलाड़ी आए हुए थे। सुबह नौ बजे से खिलाड़ी पुलिस लाइंस क्लब में पहुंचने लगे थे। शाम चार बजे तक प्रतियोगिताएं चलीं। थापा ने बताया कि इंदौर में 17 नवम्बर से तीन दिनी राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता होंगी। जिसके लिए जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) में 10 अलग-अलग वजन कैटेगिरी में 20 बालक और 20 बालिका खिलाडिय़ों का चयन किया गया है। इसी प्रकार सब जूनियर वर्ग में (13 वर्ष तक) में 13 वजन वर्ग में 26-26 बालक-बालिका खिलाडिय़ों का चयन हुआ। ये खिलाड़ी अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सेदारी करेंगे।

इनका कहना है

विदिशा में दो वर्ष पूर्व राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, तब से यहां खिलाडिय़ों में खेलों के प्रति रूझान बढ़ा हुआ दिख रहा है। राज्य स्तरीय मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए खिलाडिय़ों का चयन किया गया। लेकिन यहां स्टेडियम का ट्रेक काफी खराब है। जिससे दौड़ते समय पैरों में कंकड़ आदि चुभते हैं। इसलिए यहां घास वाला टे्रक कम से कम होना चाहिए। वहीं यदि सिंथेटिक्स ट्रेक बन जाए, तो राष्ट्रीय स्तरीय की एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं हो सकेंगीं और खिलाडिय़ों को इसका लाभ मिलेगा।

- जोधा सिंह, सचिव, मप्र एथलेटिक्स एसोसिएशन तथा इंटरनेशनल खिलाड़ी

दीपेश तिवारी
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