scriptShri Ram Mahayagya | आस्था के महायज्ञ में सोने के नोट और लाखों रुपए की भेंट के साथ संतों की विदाई | Patrika News

आस्था के महायज्ञ में सोने के नोट और लाखों रुपए की भेंट के साथ संतों की विदाई

ख्रैराई में श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति

विदिशा

Published: May 16, 2022 09:25:59 pm

नटेरन/विदिशा. खैराई में 108 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के साथ ही महामंडलेश्वर कनकबिहारी दास महाराज का संकल्प पूरा हुआ। 8 मई से चल रहे इस यज्ञ की सोमवार को महामंडलेश्वर कनकबिहारी दास महाराज के संकल्प सेमहामंडलेश्वर कनकबिहारी दास महाराज के संकल्प से पूर्णाहुति हुई। विशाल यज्ञ शाला में 8 सौ से ज्यादा लोगों ने कनकबिहारी दास की मौजूदगी में पूर्णाहुति दीं। दोपहर जब यज्ञ का समापन हुआ तो करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। इसके लिए भोजनशाला में व्यापक इंतजाम किए गए थे। भोजन प्रसादी के बाद यज्ञ में आए महामंडलेश्वरों, महंतों और साधू-महात्माओं की विदाई की गई। इस विदाई में एक-एक ग्राम सोने के पत्र वाले प्रतीक नोट और 21 सौ तथा 11 सौ रुपए भी संतों को भेंट किए गए। सांसद राजबहादुर सिंह ने महायज्ञ में पहुंचकर समाज की मांग पर खैराई का नाम महामंडलेश्वर के नाम पर कनकधाम रखने की अनुशंसा की।
आस्था के महायज्ञ में सोने के नोट और लाखों रुपए की भेंट के साथ संतों की विदाई
आस्था के महायज्ञ में सोने के नोट और लाखों रुपए की भेंट के साथ संतों की विदाई
सुबह से यज्ञ, 12.30 बजे पूर्णाहुति

विशाल यज्ञ शाला में सुबह 9 बजे से ही हवन शुरू हो गया था। महायज्ञ का अंतिम दिन होने से जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, वहीं यज्ञ के यजमानों में भी खासा उत्साह था। ब्राम्हणों के मंत्रोच्चार की गूंज दूर तक सुनाई दे रही थी और उसके साथ ही यजमान यज्ञ में आहुतियां दे रहे थे। बीच-बीच में यज्ञाचार्य केशव शास्त्री सबको मार्गदर्शन दे रहे थे। दोपहर 12.30 बजे महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई, जिसमें महामंडलेश्ववर कनक बिहारी दास महाराज भी शामिल हुए और उन्होंने भी यज्ञ में आहुति देकर इस महायज्ञ का अपना संकल्प पूरा किया। यज्ञ में 108 वेदियां थीं, जिनमें से एक वेदी पर मुख्य यजमान बाबूसिंह रघुवंशी मौजूद थे। शेष पर करीब 800 लोगों ने एक साथ आहुतियां दीं।
तीखी धूप में नंगे पैर यज्ञशाला की परिक्रमाअंतिम दिन भी तापमान 43 डिग्री पर था। लेकिन आस्था के आगे वह भी फीका रहा। हजारों श्रद्धालु यज्ञ के दौरान और यज्ञ के बाद भी नंगे पैर यज्ञ शाला की परिक्रमा कर रहे थे। महिलाएं, पुरुष, बच्चे और वृद्ध सभी इस परिक्रमा में शामिल थे। हालांकि परिक्रमा पथ में मेट बिछाया गया था, लेकिन श्रद्धालु बहुत होने से वह नाममात्र का था। श्रद्धालु हाथ जोड़े परिक्रमा करते जा रहे थे।
संताें की विदाई में 35 लाख के सोने के नोट

महायज्ञ के समापन पर दूर दूर से आए महामंडलेश्वर, महंत, संत महात्माओं की विदाई शुरू हुई। आयोजन समिति ने उन्हें उनके ओहदे के अनुरूप 21 सौ तथा 11 सौ रूपए की भेंट विदाई में दी। इसके साथ ही भोपाल में बस गईं तिलकखेजड़ा गांव की रीना रघुवंशी ने महात्माओं को एक-एक ग्राम सोने के पत्र वाले नोट भेंट किए। रीना रघुवंशी ने बताया कि गुरूजी कनकबिहारी दास महाराज का आदेश था और उनकी इच्छा भी थी कि इस तरह से संतों की विदाई हो, इसलिए एक-एक ग्राम सोने के पत्र वाले 700 नाेट मैंनें मंगवा लिए थे, जो विदाई में भेंट स्वरूप दिए गए।
30 क्विंटल पूडी़, 20 क्विंटल आलू की सब्जी और चार ट्राली बूंदी

सोमवार को भंडार की व्यवस्था संभाल रहे मुकेश रघुवंशी, श्यामू ठाकुर ने बताया कि गुरुजी ने पूर्णाहुति के दिन एक लाख लोगों के भंडारे का लक्ष्य रखा है, उसी अनुसार भोजन प्रसादी तैयार की गई है। गंजबासौदा के गोपाल उस्ताद के मार्गदर्शन में उनके करीब 200 सहयोगियों ने रात 3 बजे से भोजन की तैयारी शुरू कर दी थपी। गोपाल उस्ताद ने बताया कि करीब 30 क्विंटल की पूड़ी, 20 क्विंटल आलू की सब्जी और चार ट्राली बूंदी तैयार की गई है। दोपहर तक करीब 50 हजार से ज्यादा लोग भोजन कर चुके थे और आना-जाना जारी था। भोजन व्यवस्था में अमित रघुवंशी, विक्रम रघुवंशी, नीलेश रघुवंशी, रामू ठाकुर और सोनू ठाकुर सहित अन्य लोगों ने पूरी मेहनत से व्यवस्था संभाली।
सांसद ने कहा- खैराई का नाम कनकधाम

महायज्ञ में पहुंचे सांसद राजबहादुर सिंह को आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहित सिंह रघुवंशी ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि खैराई रघुवंश शिरोमणि कनकबिहारी दास महाराज की जन्मभूमि है। यहां उन्होंने श्रीराम महायज्ञ का यह बड़ा अनुष्ठान भी करके अपने संकल्प को पूरा किया है। अत: अब ग्रामीणों और पूरे रघुवंशी समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए खैराई का नाम महाराज के नाम पर कनकधाम किया जाए। सांसद ने रघुवंशी की इस मांग पर सहमति जताई और सरकार से अनुशंसा करने तथा खैराई को कनकधाम के नाम से पहचाने जाने की बात कही।
दर्शन के साथ दी किशमिश प्रसादी और भभूत

यज्ञ शाला के पास ही महामंडलेश्वर कनकबिहारी दास महाराज की कुटिया बनाई गई थी, जहां वे अपने भक्तों को आशीर्वाद दे रहे थे। यहां आने के लिए भी कतार लगी थी, पुलिस का इंतजाम था, लोग कतारबद्ध होकर अंदर पहुंचते गुरू के दर्शन करते और गुरू उन्हें आशीर्वाद के साथ ही किशमिश प्रसादी देते। यहीं भभूत भी दी जा रही थी।
महामंडश्वरों, महंतों, संतों का जमावड़ा

महायज्ञ के दौरान पूरे समय दूर दूर से महामंडलेश्वरों, महंतों और संत महात्माओं का आना जाना लगा रहा। अंतिम दिन संतों का पांडाल खचाखच भरा था। अपने अपने तरीके से संत महात्माओं ने डेरे डाल रखे थे। कुछ इस सबसे दूर तपती धूप में हठयोग करते हुए आग जलाकर उसके बीच बैठे तप कर रहे थे। खैराई गांव में सात दिनों से मेला लगा हुआ था। दुकानों के साथ ही मनोरंजन के लिए झूले, मौत का कुआं तथा अन्य खेल तमाशे थे। खाने-पीने के सामान और मनिहारी की दूकानें भी आई थीं।
लाखों लोग पहुंचे पर व्यवस्थाएं रहीं पुख्ता

भारी गर्मी का दौर था, ऐसे में एक गांव में इतना विशाल आयोजन आसान नहीं था। लेकिन जैसे रघुवंशी समाज ने पहले से ही सब तय कर रखा था। पानी, चिकित्सा, पुलिस, भोजन, परिक्रमा्, दर्शन, यज्ञ की आहुतियां, 8 दिन में लाखों लोगों के भोजन, रामकथा, रासलीला सहित तमाम आयोजनों में कहीं कोई बदइंंतजामी नजर नहीं आई। आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहित रघुवंशी कहते हैं कि राम का काज था और हमारे संत कनकबिहारी जी का आशीर्वाद इसलिए कुछ पता ही नहीं चला और इतना विशाल आयोजन निर्विघ्न पूरा हो गया। मोहित रघुवंशी ने समाज की एकता के साथ ही सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन को आकर्षित करती है कछुआ अंगूठी, लेकिन इस तरह से पहनने की न करें गलतीज्योतिष: बुध का मिथुन राशि में गोचर 3 राशि के लोगों को बनाएगा धनवानपैसा कमाने में माहिर माने जाते हैं इस मूलांक के लोग, तुरंत निकलवा लेते हैं अपना कामजुलाई में चमकेगी इन 7 राशियों की किस्मत, अपार धन मिलने के प्रबल योगडेली ड्राइव के लिए बेस्ट हैं Maruti और Tata की ये सस्ती CNG कारें, कम खर्च में देती हैं 35Km तक का माइलेज़ज्योतिष: रिश्ते संभालने में बड़े कच्चे होते हैं इस राशि के लोगजान लीजिए तुलसी के इस पौधे को घर में लगाने से आती है सुख समृद्धिहाथ में इन निशान का होना मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने का माना जाता है संकेत

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में फिर बनेगी बीजेपी की सरकार, देवेंद्र फडणवीस 1 जुलाई को ले सकते है सीएम पद की शपथUddhav Thackeray Resigns: फ्लोर टेस्ट से पहले उद्धव ठाकरे ने सीएम और MLC पद से दिया इस्तीफा, कहा- मेरी शिवसेना मुझसे कोई नहीं छीन सकताउदयपुर हत्याकांड के तार पाकिस्तान से जुड़े, दावत ए इस्लामी संगठन से सम्पर्क में थे आरोपीGST Council Meeting: बैठक के दूसरे दिन राज्यों को झटका, गेमिंग-कसीनों पर नहीं हो सका फैसलाबिहारः मोबाइल फ्लैश की रोशनी में BA की परीक्षा देते दिखे छात्र, गूगल का भी खूब लिया मदद, उठ रहे सवालMumbai News Live Updates: उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपा इस्तीफाUdaipur Murder: अनुराग ठाकुर बोले- कांग्रेस की आपसी लड़ाई से राजस्थान में ध्वस्त हुई कानून-व्यवस्था, NIA को जांच मिलने से होगी तेज कार्रवाईMaharashtra Gram Panchayat Election 2022: महाराष्ट्र में इस तारिख को होगा ग्राम पंचायत चुनाव, अगले ही दिन आएंगे नतीजे
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.