scriptSurgery lasted for five hours to repair the spine | VIDISHA मेडिकल कॉलेज में SPINE दुरुस्त करने पांच घंटे चली SURGERY | Patrika News

VIDISHA मेडिकल कॉलेज में SPINE दुरुस्त करने पांच घंटे चली SURGERY

विदिशा मेडिकल कॉलेज में अपने तरह का पहला एडवांस ऑपरेशन

विदिशा

Published: April 28, 2022 08:58:19 pm

विदिशा.रीढ़ की हड्डी के कुछ भाग आगे पीछे हो जाने से विदिशा की रंगियापुरा निवासी तैयब बी पिछले तीन साल से चलने-फिरने और खड़े होने में असमर्थ थीं। वे कमर दर्द, सुन्नपन से परेशान थीं लेटे रहने पर भी पैर दर्द होता थाए टॉयलेट के लिए भी परिजन गोद में उठा कर ले जाते थे। भोपाल सहित कई अस्पतालों में इलाज कराने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ। फिर मेडिकल कॉलेज पहुंची और अिस्थ रोग विभाग के एचओडी डॉ अतुल वाष्र्णेय को दिखाया। डॉ वाष्र्णेय ने एक्स रे और एमआरआइ कराया और पाया कि मरीज की रीढ़ की हड्डी में समस्या है। रीढ़ के वर्टीब्रल कॉलम के कुछ वर्टीब्रा आगे पीछे हो गए हैं। इसे तकनीक भाषा मी टीलीफ कहा जाता है। डॉ वाष्र्णेय ने अपनी टीम से चर्चा की और मरीज का ऑपरेशन करना तय किया। ऑपरेशन जटिल और एडवांस थाए लेकिन पूरी टीम ने उत्साह से सहमति जताई तो 27 अप्रेल को लगातार पांच घंटे तक ऑपरेशन चला और टायटेनियम इंप्लांट कर दिया गया। सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक यह सर्जरी चली। ऑपशेन सफल रहने से सभी चिकित्सकों और सहयोगी स्टॉफ ने राहत की सांस ली और सबके चेहरे चमक उठे। ऑपरेशन में डॉ अतुल वाष्र्णेय के साथ ही डॉ विपिन मिश्रा, डॉ सुनील किरार, डॉ संजय उपाध्याय और डॉ शरद सिंह की टीम जुटी रही। अहम भूमिका डॉ विनायक गौर की रही, जिन्होंने मरीज को एनेश्थिसिया दिया और पांच घंटे तक ऑपरेशन सहजता से चलता रहा। दूसरे दिन मरीज तैयब बी ने बताया कि वह अब सुकून महसूस कर रही है और पैरों में दर्द और सुन्नपन भी अब नहीं है।
VIDISHA  मेडिकल कॉलेज में SPINE दुरुस्त करने पांच घंटे चली SURGERY
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ढाई से दस लाख तक आता खर्च
डॉ वाष्र्णेय की मानें तो यह अपने तरह का एडवांस ऑपरेशन था। निजी अस्पतालों में इस ऑपरेशन का पूरा खर्च करीब ढाई लाख से दस लाख तक आता। लेकिन मेडिकल कॉलेज में यह ऑपरेशन पूरी तरह मुफ्त हुआ है। केवल टायटेनियम इंप्लांट मरीज को खरीदने पड़े हैंए जिनकी कीमत करीब 22 हजार थी। जल्दी ही कॉलेज में इंप्लांट उपलब्ध होंगे तो मरीजों को इनका खर्च भी नहीं देना होगा।

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