बारिश में शहर में न बने जल भराव की स्थिति इसलिए जेसीबी और पोकलेन मशीन से हो रही बड़े नालों की सफाई

बारिश पूर्व नालों की सफाई अंतिम चरण में
शहर के सभी छोटे नालों की हो चुकी सफाई

By: Anil kumar soni

Published: 31 May 2020, 07:55 PM IST

विदिशा। बारिश के दौरान शहर में कहीं भी जल भराव की स्थिति नहीं बने और नागरिक परेशान नहीं हो। इसको लेकर नगरपालिका द्वारा बारिश पूर्व शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है। नपा अनुसार शहर के लगभग सभी छोटे नालों की सफाई का काम हो चुका है, वहीं बड़े नालों की सफाई दो जेसीबी और एक पोकलेन मशीन से की जा रही है। नालों की सफाई का काम अंतिम चरण में है।

मालूम हो कि शहर में कई क्षेत्रों में बारिश के दौरान नालों केे उफान पर होने पर सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भरा जाता है। वहीं कुछ निचली बस्तियों में भी नालों का पानी भराता है। इस बार नपा ने इन नालों की साफ-सफाई के लिए मार्च माह में ही योजना बनाकर काम करना शुरु कर दिया था। मार्च माह से लेकर अब तक नालों की सफाई का काम चल रहा है, जो लगभग अंतिम चरण में हैं।

द्वारकापुरी नाले की पोकलेन मशीन से की सफाई
शहर के बड़े नालों में शामिल द्वारकापुरी के पास वाले नाले की सफाई का काम रविवार को दिनभर चला। दो जेसीबी और पोकलेन मशीन से नाले की गंदगी को निकाला गया। शाम तक सफाई अभियान इस नाले का चलता रहा। वहीं आज सोमवार को भी शेष बचे इस नाले की सफाई होगी।

एक नाले पर २० कर्मचारियों का दल
नपा से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक बड़े नाले की सफाई में दो जेसीबी और पोकलेन मशीन के साथ ही कम से कम २० सफाईकामगार सफाई कार्य में जुटते हैं। आज सोमवार से इस कार्य को और तेजी से किया जाएगा। नपा अधिकारियों के अनुसार करीब एक हफ्ते में बड़े नालों की सफाई का कार्य भी लगभग पूर्ण हो जाएगा।

50 कर्मचारी रखकर कराई छोटे नालों की सफाई
नगरपालिका ने छोटे नालों की सफाई के लिए नपा सफाईकामगारों के अतिरिक्त ५० अन्य सफाईकामगारों को रखा था। 22 मार्च से छोटे नालों की सफाई का काम शुरु कर दिया गया था और अप्रेल माह की समाप्ति तक छोटे नालों की सफाई का काम भी पूर्ण हो गया था। वहीं विगत एक हफ्ते पूर्व बड़े नालों की साफ-सफाई का अभियान शुरु हुआ।

इन क्षेत्रों में होती है हर साल दिक्कत
बारिश के दौरान पूरनपुरा चौराहा से बाईपास जाने वाले मार्ग के बीच में पडऩे वाला नाला कई बार उफान पर आ जाता है, जिससे नाले पर दो से तीन फीट या इससे अधिक पानी आ जाने पर लोगों की आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो जाती है। इसी प्रकार तलैया का नाला उफान पर आने से आसपास की कई निचली बस्तियों के घरों में ही पानी भरा जाता है। इसी प्रकार डंडापुरा स्थित नाला, सागर पुलिया नाला, मां हॉस्पिटल मार्ग वाले नाला सहित कई नालों के उफान पर आने पर लोगों के घरों में पानी भराता है।


इनका कहना है
बारिश के दौरान सफाई के अभाव में छोटे-बड़े नाले उफान पर नहीं आएं। इसको लेकर मार्च माह से ही छोटे नालों की सफाई शुरु कर दी थी। इसके लिए 50 अतिरिक्त सफाईकामगार रखे थे। वहीं विगत एक हफ्ते पूर्व बड़े नालों की सफाई शुरु कर दी है, जो दो जेसीबी और एक पोकलेन के साथ ही 20 कर्मचारियों के दल द्वारा की जा रही है। लगभग एक हफ्ते में नालों की सफाई का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
- राजेश शर्मा, निरीक्षक, सफाई, नगरपालिका, विदिशा

Anil kumar soni Desk
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