केरल की सीपीएम सरकार का रवैया आपत्तिजनक है—अभाविप

राष्ट्रवादी हिन्दू विचारधारा रखने वाले लोगों की हत्याओं के विरोध में जलाया पुतला

By: दीपेश तिवारी

Published: 12 Nov 2017, 12:15 PM IST

विदिशा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केरल में राष्ट्रवादी हिन्दू विचारधारा रखने वाले लोगों की हत्याओं के विरोध में शनिवार को केरल की वामपंथी सरकार के पुतले का दहन किया। पुतला दहन करते हुए अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि केरल की सीपीएम सरकार का रवैया आपत्तिजनक है, क्योंकि वह हत्याओं के आरोपियों पर कोई कार्रवाई न कर उनका समर्थन कर रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे में वहां हिन्दूवादी विचारधारा रखने वालों का रहना मुंश्किल हो गया है।

 

पुतला दहन करने वालों में गौरव रघुवंशी, अभिषेक शर्मा, अमित जोगी, योगेन्द्र रघुवंशी, सौरभ, राहुल, मनीष, विजय तथा सचिन आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। गौरतलब है कि अभाविप ने इन हत्याओं के विरोध में केरल में रैली भी निकाली। जिसमें विदिशा जिले से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होने केरल गए हंै।

 

पद्मावती फिल्म रिलीज होने से रोकने की मांग

इधर, विदिशा में विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल ने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिसमें पद्मावती फिल्म रिलीज होने से रोकने की मांग की। विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि फिल्म डायरेक्टर लीला भंसाली ने इस फिल्म में चित्तौड़ के गौरवमयी इतिहास से छेड़छाड़ कर इतिहास को कलंकित किया है। इस फिल्म को रिलीज होने से रोका जाना चाहिए। इसमें महारानी पद्मावती का गलत चित्रण दिखाया गया है। जिससे नागरिकों में भी इस फिल्म के प्रति रोष है। हमारे धर्म, संस्कृति और इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए। इस दौरान विहिप नेता बलवानसिंह ठाकुर, मलखानसिंह राजपूत, चंद्रभानसिंह बघेल, नितिन शर्मा, मनोज चौहान, अमित जाट, विशालसिंह, रामबाबू रघुवंशी, रणधीरसिंह राजपूत आदि शामिल रहे।

इससे पहले भी विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील में हिन्दू जागरण मंच व शहर के विभिन्न समाज के लोगों ने एकत्रित होकर फिल्म के रिलीज होने विरोध किया था। साथ ही एसडीएम को सौंपकर विरोध जताया था। हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने कहा था कि फिल्म में चित्तौड़ के गौरवमयी इतिहास से छेड़छाड़ कर इतिहास को कलंकित किया है। इस फिल्म को रिलीज होने से रोका जाना चाहिए। इसमें महारानी पद्मावती का गलत चित्रण दिखाया गया है। जिससे नागरिकों में भी इस फिल्म के प्रति रोष है। हमारे धर्म, संस्कृति और इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए।

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