अस्पताल से भगाया तो बस में हुआ प्रसव, नवजात ने दम तोड़ा

बस में प्रसव के बाद सडक़ किनारे बैठी प्रसूता और उसके परिजन

By: govind saxena

Published: 13 Sep 2021, 10:46 PM IST

लटेरी. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए आई बंजारा समाज की एक महिला को अस्पताल से यह कहकर वापस कर दिया गया कि अभी प्रसव में समय है। यह सुनकर परिजन उसे बस से वापस अपने गांव ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में बस में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। बस वाले ने उसे अगले गांव में ही उतार दिया। लेकिन यहां प्रसूृता के सामने ही उसके नवजात बच्चे ने दम तोड़ दिया। उधर बीएमओ डॉ. सुरेंद्र धाकड़ ने इस मामले की जांच की बात कही है।


मामला लटेरी स्वास्थ्य केंद्र का है। यहां जरसेना ग्राम निवासी पप्पू बंजारा की पत्नी को प्रसव के लिए लाया गया था। पप्पू बंजारा के अनुसार अस्पताल में बताया गया कि उसे प्रसव में समय है, इसलिए हम उसे वापस अपने गांव ले गए। बस से हम अपने गांव जरसेना जा रहे थे, कि रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ी और बापचा ग्राम के पास बस में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। इस प्रसव के बाद बस चालक ने ग्राम कालादेव में प्रसूता उसके परिजनों और नवजात बच्चे सहित बस से उतार दिया। कालादेव में बच्चे की थोड़ी देर बाद ही मौत हो गई। इस घटना के काफी देर बाद एंबूलेंस कालादेव पहुंची, यहां महिला के परिजन स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजी जाहिर कर रहे थे। कालादेव में सडक़ किनारे प्रसूता अपने मृत बच्चे को काफी देर तक देखती रही और फिर अस्पताल न जाने की जिद पर अड़ी रही। इस बारे में बीएमओ डॉ. सुरेंद्र धाकड़ का कहना है कि महिला को रविवार को 9 बजे भर्ती किया गया था। यहां उसे करीब 2 बजे डिलेवरी की संभावना बताई थी, लेकिन महिला के परिजन उसे बिना सूचना के ही ले गए, मैं मामले की जांच कर रहा हूं।

govind saxena Bureau Incharge
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