हैदरगढ़ की यह तस्वीर सोचने पर कर देगी मजबूर...

ये खेल नहीं, पीने के पानी का इंतजाम है, हमारा भविष्य भी देखो सरकार....

By: govind saxena

Published: 22 Sep 2020, 09:12 PM IST

हैदरगढ़. ये हमारा खेल नहीं, घर के पीने के पानी का इंतजाम है। हम छोटे-छोटे से बच्चे हैं, इसलिए गड्ढे की कीचड़ में घुसकर भी जैसे तैसे अपने घर के लिए पानी जुटा रहे हैं। इन्हीं भावों से ये दो छोटी-छोटी बच्चियां बारिस के पानी और कीचड़ से भरे एक गड्ढे में घुसकर वहां से निकली ग्राम पंचायत की नल जल योजना की पाइप लाइन से अपने घर के लिए पानी का इंतजाम कर रही हैं।
ये तस्वीर विदिशा जिले के गांव हैदरगढ़ की है। गांव के छोर पर मृगेन्द्रनाथ पहाड़ी की ओर जाने वाले रास्ता का यह आखरी घर है। यहीं तक गांव की पेयजल आपूर्ति की लाइन गई है। लेकिन कहीं कोई नल कनेक्शन यहां नहीं दिखता। पाइप का अंतिम छोर भी यही है। जहां पाइप खुलता है यानी नल का पानी आता है वहां गहरा गड्ढा है जिसमें बारिश का बहकर आया हुआ पानी और कीचड़ भरी रहती है। मुश्किल यह है कि इस गड्ढे में घुसे बिना पीने का पानी नहीं भरा जा सकता। ऐसे में यह जिम्मेदारी उठाई है इन बच्चों ने। ये इनका खिलवाड़ या खेल नहीं, बल्कि मजबूरी है। शासन-प्रशासन स्वच्छता का नारा बुलंद किए हुए है, लेकिन इस गांव में स्वच्छ पानी भी नसीब नहीं। बिना टोंटियों के नल कनेक्शन और जगह-जगह से फूटी पाइप लाइन से बारिश, नालियों और तमाम गंदगी इस पाइप लाइन में जाकर सबके स्वास्थ्य बिगाड़ रही है, जगह-जगह फूटी पाइप लाइन से फव्वारे छूटते हैं, लोग उनकी खुद ही नाकाफी मरम्मत कर लेते हैं, लेकिन जिम्मेदार सब चुप हैं। ऐसे में कहे कौन और सुने कौन? लेकिन इतनी आशंका जरूर है कि दूषित पानी किसी दिन इस गांव के लोगों की दशा जरूर बिगाड़ देगा।

govind saxena Bureau Incharge
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