लड्डू गोपाल को राधा रानी से मिलाने उमा भारती पहुंची मंदिर

भारत में बरसाने के बाद दूसरा राधा रानी का मंदिर विदिशा में, राधा अष्टमी पर मंदिर पहुंची उमा भारती। पत्रिका की खबर से पता चली थी राधा रानी मंदिर की महिमा।

By: Hitendra Sharma

Published: 14 Sep 2021, 11:34 AM IST

विदिशा. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बुधवार सुबह 5 बजे राधा रानी मंदिर में दर्शन के लिए विदिशा पहुंच गई। यह मंदिर साल में सिर्फ राधा अष्टमी के मौके पर ही खुलता है। उन्होंने यहां पूजा-अर्चना की और मंदिर के पुजारी से इस मंदिर के बारे में चर्चा की। वे दूसरी बार इस मंदिर में आई थी। उमा भारती ने कहा कि इस मंदिर का पता उनको पत्रिका की खबर पढ़कर पता चला, उन्हें पहले नहीं पता था कि यहां राधाजी का इतना सुंदर और प्राचीन मंदिर है।

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अपने साथ लाईं लड्डू गोपाल
उमा भारती अपने साथ लड्डू गोपाल की मूर्ति भी साथ लाई थीं। उन्होंने मंदिर में राधाजी के समीप ही कृष्णजी की प्रतिमा रखकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि वे आज राधा अष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण को राधा जी से मिलाने लाई हैं। इस दौरान उन्होने राधा और कृष्ण का एक साथ दर्शन करने के बाद मंदिर में भजन गाए और आरती की ।

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साढ़े तीन सौ साल से गुप्त वास
मंदिर के सेवक मनमोहन शर्मा बताते हैं कि उनके पूर्वज करीब 350 वर्ष पूर्व वृंदावन और बरसाने से राधा जी कि निधियों को मुगल सम्राट औरंगजेब के आतंक से बचाकर वहां से निकल पड़े थे कोई दिशा नहीं थी कि कहां जाना है लेकिन फिर करीब 20 वर्ष के सफर के बाद विदिशा में इसी स्थान पर एक छोटी सी झोपड़ी बनाकर उसमें राधा रानी की पवित्र निधियों को रखा गया था उस समय मंदिरों और पूजा पर संकट था इसलिए राधा रानी की सेवा भी छिपकर गुप्त रूप से की जाने लगी यही परंपरा आज भी कायम है लेकिन राधा रानी की भक्तों को दर्शन देने के लिए राधा अष्टमी पर 1 दिन के लिए उनका दरबार खोला जाता है ।

Hitendra Sharma
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