अधिकारियों का यूरिया प्रबंधन फेल, किसानों को आशंका फिर मिले न मिले

जिले में अब तक 37 हजार मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हुआ

विदिशा. लम्बे समय तक बारिश, पानी की पर्याप्त उपलब्धता, धान और गेंहू के रकबे में भारी बढ़ौतरी के कारण एक साथ किसानों को यूरिया की आवश्यकता, रायसेन के किसानों का भी विदिशा से यूरिया ले जाना, बड़े किसानों द्वारा कई जगह थोक में यूरिया ले लेना और फिर यूरिया मिले न मिले इस आशंका से डरे किसानों का यूरिया की दो-दो बोरी के लिए परेशान होना। यह है जिले में यूरिया की आज की कहानी। इन हालातों का अंदाजा लगाने में यूरिया प्रबंधन से जुृड़े विभाग और अधिकारी पूरी तरह फेल रहे हैं। नतीजा यह कि दो-दो बोरी के लिए भी किसानों की कतार लगी हुई है और पर्याप्त यूरिया आने के बावजूद किसान आशंकित है कि यूरिया मिल पाएगा या नहीं।


यूरिया का क्यों गड़बड़ाया गणित
1.गेंहू का रकबा काफी अधिक बढऩा।
2. धान का रकबा भी काफी अधिक बढऩा।
3. पानी की पर्याप्त उपलब्धता।
4. बारिश का काफी समय तक होते रहना।
5. ओवरड्यू किसानों को समितियों से यूरिया न मिलना।
6. रायसेन के किसानों का भी विदिशा से यूरिया लेना।
7. प्रायवेट दुकानों को मात्र 20 प्रतिशत कोटा देना।

पानी पर्याप्त, दो की जगह चार बार डलेगा यूरिया
रायसेन के चांदपुर खेजड़ा से विदिशा आए किसान अनिल लोधी ने बताया कि पानी की पर्याप्त उपलब्धता के कारण गेंहू में जो दो बार पानी देते थे, इस बार तीन-चार बार पानी देंगे। जितनी बार पानी देंगे उतनी बार यूरिया भी डलेगा। इसलिए जिस किसान को बीस बोरी लगतीं थीं, उसे तीस-चालीस बोरी चाहिए।


डीएपी के साथ यूरिया को मिलाते हैं...
सामान्यत: फसल में पानी देने के बाद यूरिया डाला जाता है। लेकिन विदिशा जिले में काफी किसान बोवनी के समय डीएपी के साथ भी यूरिया मिलाकर खेत में डालते हैं, इससे भी यूरिया की मांग बढ़ती है, हालांकि कृषि विभाग इसे अपने आकलन में शामिल नहीं करता। देवलपुरा रायसेन से यूरिया लेने आए प्रेमनारायण बघेल बताते हैं कि वे खुद डीएपी के साथ यूरिया मिलाकर डालते हैं।


कलेक्टर की अपील- सब्र रखें, जितना चाहिए उतना यूरिया मिलेगा
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कुछ कारणों से यूरिया की मांग बढ़ी है। लेकिन किसान सब्र रखें, जिले में यूरिया की जरा भी कमी नहीं होने दी जाएगी। जितना चाहिए उतना यूरिया मिलेगा। दस दिन में 3 रैक लगी हैं और 7 हजार मीट्रिक टन यूरिया आया है। 13 दिसम्बर को फिर रैक लगेगी। गुना से भी यूरिया मंगाया गया है। मार्कफेड और एनएफएल से यूरिया आ रहा है। हर हाल में 20 दिसम्बर तक जिले में यूरिया की आपूर्ति पूरी कर देंगे।

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govind saxena
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