लकड़ी चोरों ने 200 सागौन पेड़ काटे, भारी पथराव कर भागे

पुलिस और वन अमले ने पकड़ीं 15 बाइक और 70 सागौन सिल्लियां

By: govind saxena

Updated: 09 Jan 2021, 08:31 PM IST

विदिशा. करीब 11 माह के अंतराल के बाद भील-बंजारों और लकड़ी माफिया द्वारा लटेरी दक्षिण रेंज में फिर 200 से ज्यादा सागौन पेड़ काटकर राजस्थान की ओर ले जाने की योजना बनाई। पेड़ काट दिए गए, इसी बीच वन अमले को भनक लगी और करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लकड़ी चोरों को रोकने की तैयारी हुई। टोंंका और मुंडेला क्षेत्र में लकड़ी चोरों ने गोफन से खूब पथराव किया, जिसमें एक वनकर्मी घायल भी हो गया। भारी पुलिस बल और वन अमले को देख आरोपी जंगल में भाग गए, जबकि मौके से सागौन की 70 सिल्लियां और बिना नंबर प्लेट की 15 मोटरसाइकिल जप्त की गई हैं। ये जप्ती रायपुरा और भूरापानी क्षेत्र से हुई।


सूत्रों के मुताबिक 8 जनवरी को वनकर्मियों की टीम गश्त पर थी, इसी दौरान 150-200 लकड़ी चोरों ने वनकर्मियों पर हमला करते हुए गोफन से जमकर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में एक वनकर्मी भी घायल हुआ, जिसका जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक से पुलिस बल के लिए अनुरोध किया तो उन्होंने 9 जनवरी को 40 पुलिसकर्मी दक्षिण रेंज लटेरी में भेजे गए। इसके अलावा वन मंडल की सभी वन चौकियों के करीब 60 वनकर्मी और वाहन रेंज में अवैध कटाई रोकने और जप््रती के लिए भेजे गए। इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल को देखकर लकड़ी चोर जंगल में सागौन की 70 सिल्लियां और बिना नंबर की 15 मोटरसाइकिल छोडकऱ भाग खड़े हुए। सिल्लियों और बाइक को जप्त कर लिया गया है। गौरतलब है कि ये लकड़ी चोर ज्यादातर राजगढ़ जिले के सुठालिया होते हुए सागौन को राजस्थान के शहरों में ले जाते हैं।

फरवरी के बाद दूसरी बड़ी घटना
फरवरी में लटेरी में लकड़ी चोरी की बड़ी घटना को अंजाम देने भील-बंजारे जंगल में घुसे थे। उस समय भी लकड़ी चोरों ने गोफन से पत्थर बरसाए थे, जबकि जवाब मेंं लकड़ी चोरों को भगाने के लिए वनकर्मियों ने 22 राउंड फायर भी किए थे। उसके बाद अब ये करीब 11 माह बाद बड़ी घटना हुई है।

वर्जन...
पेड़ काटने और लकड़ी चोरी करने से रोकने पर भील-बंजारों ने गोफन से हमला किया था। पुलिस ने काफी सहयोग किया। लकड़ी चोर जंगल में भागने में कामयाब हो गए हैं, लेकिन हमने 70 सागौन सिल्लियां और बिना नंबर प्लेट की 15 बाइक जप्त की हैं। ग्रामीण समितियों को भी वन रक्षा के लिए सक्रिय किया जा रहा है।
-राजवीर सिंह, डीएफओ विदिशा

govind saxena Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned