रायसेन जिले के बरेली तहसील के पास छींद गांव है, यहीं है चमत्कारी छींद धाम (भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर)। जहां मध्य प्रदेश नहीं आस पास के राज्यों के भी श्रद्धालु अपनी अर्जी लेकर आते हैं और हाजिरीलगाते हैं।
इस मंदिर में दर्शन के लिए मंगलवार और शनिवार को तड़के से ही भीड़ लग जाती है। यहां लोग मनोकामना पूरी होने पर भंडारा लगाकर प्रसाद बांटते हैं।
छींद धाम में हनुमानजी को भक्त दादाजी कहते हैं। लोगों का कहना है कि यहां मंदिर बने 200 साल से अधिक हो गए हैं। पहले यहां कृषि भूमि थी, खेती का काम करते हुए इस भूमि के मालिक को बजरंगबली कीप्रतिमा मिली थी। इस पर उसने वहीं पर छोटी सी मढ़िया बनाकर मूर्ति स्थापितकर दी।
यहां मंदिर परिसर में पीपल के पेड़ के नीचे दक्षिणमुखी हनुमान यानी दादाजी की प्रतिमा स्थापित है। मान्यता है कि किसी समय यहां हनुमानजी के अनन्य भक्त ने यहां साधना की थी। साधना से प्रसन्न होकर हनुमानजी साक्षात प्रतिमा में वास करने लगे।
ऐसी मान्यता है यहां 5 मंगलवार हाजिरी लगाने से बजरंगबली हर मनोकामना पूरी करते हैं। यहां मनोकामना पूरी होने पर भक्त भंडारा कराते हैं और भजन कीर्तन का आयोजन करते हैं।