घऱ की सजावट- कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के द्वार को पुष्पमालाओं से सजाए। घर के द्वार के सामने स्वास्तिक बनाएं।
नदी स्नान- इस दिन नदी में स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है
दीपदान- कार्तिक पूर्णिमा पर नदी में दीपदान करें। नदी जाना संभव न हो तो आसपास के मंदिर में दीपदान अवश्य करें।
पूजा-आरती- कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे घऱ में सुख -समृध्दि आती है।
चांद के दर्शन- कार्तिक पूर्णिमा पर चांद के दर्शन जरूर करें और मिश्री से बनी खीर का भोग अवश्य चढ़ाएं।
दान- कार्तिक पूर्णिमा के दिन चावल, दूध, शक्कर, चांदी, सफेद वस्त्र, सफेद मोती, सफेद चंदन आदि का दान करना चाहिए।