कान्हा नेशनल पार्क एक बाघ अभ्यारम्य है। जो एमपी का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। कान्हां राष्ट्रीय उद्यान 1 जून 1955 को और टाइगर रिजर्व 1973 में घोषित किया गया था। ये 940 वर्ग कि.मी में फैला है। यहां बंगाल बाघ, भारतीय तेंदुआ, स्लोथ रीछ, बारहसिंगा, और सोनकुत्ता बड़ी संख्या में है।
ये उद्य़ान पन्ना के साथ साथ छतरपुर जिले में भी स्थित है। इसे साल 1981 में एक वन्य जीव अभ्यारण्य घोषित किया गया था। ये 542.67वर्ग कि.मी में फैला हुआ है। इसे 25 अगस्त 2011 को बयोस्फीयर रिजर्व नाम दिया गया था।
सिवनी जिले में स्थित पेंच टाइगर रिजर्व को मोगली लैंड भी कहा जाता है। ये उद्यान एमपी के सिवनी और छिंदवाड़ा जिले की सीमाओं पर 292.83 वर्ग कि.मी में फैला है।
सीधी जिले में स्थित संजय दुबरी नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए सबसे खास स्थान कहा जाता है। इसे टाइगर रिजर्व की केटेगिरी में शामिल किया गया है। इका क्षेत्र 831 वर्ग कि.मी में फैला हुआ है।
नर्मदापुरम जिले में स्थित सतपुड़ा नेशनल पार्क 524 वर्ग कि.मी में फैला है। इसे 1981 में स्थापित किया गया था। इसके आसपास बोरी और पचमढ़ी अभ्यारण्य के साथ ये 1427 वर्ग कि.मी का अद्वितीय मध्य भारतीय पार्वत्य देश परिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है।