रानी दुर्गावती (1524-1564) : अपने पति दलपत शाह के निधन के बाद, उन्होंने गोंडवाना साम्राज्य पर अकेले ही शासन किया।
रानी कमलापति (1700-1723) : भोपाल की अंतिम गोंड रानी के रूप में जानी जाती हैं, उन्होंने अपने पति निज़ाम शाह की मृत्यु के बाद स्वतंत्र रूप से शासन किया।
अहिल्याबाई होल्कर (1725-1795) : अपने पति खांडे राव होल्कर की मृत्यु के बाद इंदौर की शासक बनी और कई सामाजिक कार्य किए और मंदिर बनवाए।
कुदसिया बेगम (1819-1837) : भोपाल पर शासन करने वाली पहली महिला, उन्होंने अपने पति, नवाब नज़र मोहम्मद खान की हत्या के बाद सत्ता संभाली।
रानी अवंतीबाई लोधी (1831-1858) : अपने पति राजा विक्रमादित्य सिंह की मृत्यु के बाद, उन्होंने रामगढ़ (डिंडोरी) पर राज किया और 1857 के विद्रोह में अहम योगदान दिया है।
सिकंदरजहां बेगम (1844-1868): भोपाल की दूसरी महिला शासक जिन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार किया और शिक्षा को बढ़ावा दिया और कई कानूनी सुधार पेश किए।
शाहजहां बेगम (1868-1901) : शिक्षा और वास्तुकला में अपनी गहरी रुचि के लिए जानी जाने वाली शाहजहाँ बेगम ने भोपाल के सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सुल्तानजहां बेगम (1901-1926): प्रदेश की आखिरी महिला शासक जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर ज़ोर दिया। वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की भी समर्थक थीं।