Chhath Puja: चार दिवसीय आस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ आज कार्तिक शुक्ल पंचमी से शुरू हो रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि छठ में सूर्य को अर्घ्य देने का सही तरीका क्या है और किन सूर्य मंत्रों के साथ सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए आइए जानते है...
Chhath Puja 2024: परंपरा के अनुसार छठ का व्रत महिलाएं संतान की दीर्घायु, अच्छी सेहत और उन्नति के लिए रखती हैं।
इस व्रत में दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जाता है। जिसकी तिथि 6 नवंबर है, जबकि 7 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
ये है सूर्य को अर्घ्य देने का सही तरीकाः स्नान के बाद तांबे के लोटे में रोली, चंदन, अक्षत, मिश्री मिलाकर उस वक्त दोनों हाथों से अर्घ्य देना चाहिए।
इसके अलावा अर्घ्य देते समय ऊँ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते, अनुकंपये माम भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकरः मंत्र का 11 बार जपें।
इन मंत्रों का भी कर सकते हैं जापः सूर्य को अर्घ्य देते समय ॐ सूर्याय नमः, ऊँ आदित्याय नमः, ऊँ भास्कराय नमः आदि मंत्र भी जप सकते हैं।