जयपुर

जानें क्यों मनाया जाता है गोवर्धन पूजा


Supriya Rani

1 November 2024

गोवर्धन पूजा Diwali के अगले दिन हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है।

राजस्थान में इस दिन खास रौनक देखने को मिलती है। इस दिन गाय के गोबर से श्रीकृष्ण की प्रतिमा बनाई जाती है और शुभ मुहूर्त देखकर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है।

ये दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत को समर्पित है। माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना करने और भगवान को 56 भोग अर्पित करने से समस्त दुखों से छुटकारा मिलता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से ब्रजवासियों के बचाने के लिए अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था।

इसके बाद सभी ब्रजवासी अपने जानवरों को लेकर सुरक्षित गोवर्धन पर्वत के नीचे छिप गए। चूंकि जगत के पालनहार ने उनकी जान बचाई इसलिए गांव वालों ने उनकी पूजा की और सच्चे मन से श्रीकृष्ण को उनके मनपसंद का भोग अर्पित किया।

तभी से हर साल इसी दिन को गोवर्धन त्योहार के रूप में मनाया जाता है। राजस्थान में इस दिन अलग ही रौनक देखने को मिलती है।