‘गलता जी' के नाम से प्रसिद्ध यह जगह धार्मिक स्थल है। यहां के कुंड से निकलने वाला पानी उतना ही पवित्र माना जाता है जितना हरिद्वार में गंगा जल है।
यह मंदिर अपने प्राचीन ‘सूर्य मंदिर' के लिए मशहूर है। इस मंदिर का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय के समय 1734 में कराया गया था।
यह अरावली की पहाड़ी की तलहटी में बसा है। यहां हजारों की संख्या में बंदर हैं लेकिन लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।
यह अब एक टूरिस्ट स्थल भी बन गया है। यहां ऐेतिहासिक मंदिर और महल काे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।