पुष्कर ऊंट मेला (पुष्कर मेला):अक्टूबर-नवंबर के टाइम यह मेला लगता है ,भारत के सबसे बड़े ऊंट मेलों में से एक, जिसमें ऊंटों का व्यापार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और अद्भुत रेगिस्तानी दृश्य शामिल होते हैं।
जैसलमेर मेला (डेजर्ट फेस्टिवल) :जैसलमेर मेला फरवरी महीना में लगता है ,राजस्थानी संस्कृति, संगीत और कला का जश्न, जिसमें ऊंट दौड़, पगड़ी बांधने की प्रतियोगिताएं, और लोक प्रदर्शन शामिल रहते हैं।
बीकानेर ऊंट महोत्सव: यह जनवरी माह में लगता हैं। ऊंट प्रदर्शन, ऊंट दौड़, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
मारवाड़ महोत्सव (जोधपुर मेला):अक्टूबर में राजस्थानी संस्कृति, संगीत और कला का उत्सव, जिसमें लोक प्रदर्शन, ऊंट दौड़, और पारंपरिक भोजन शामिल रहते हैं।
जयपुर कपड़ा मेला : यह कपड़ा मेला दिसंबर के माह में लगता है जहां कपड़े और परिधानों का अद्भुत प्रदर्शन होता है। यह मेला न केवल स्थानीय कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देता है, बल्कि इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग भी आते हैं
उदयपुर गणगौर महोत्सव : यह उत्सव फरवरी के माह में होती है जिसमे राधा-कृष्ण की पूजा और रंगीन समारोह होते है ।
भीलवाड़ा मकर संक्रांति मेला हर साल जनवरी माह में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया जाता है। यह मेला फसल के त्योहार का प्रतीक है, जो समृद्धि और खुशहाली का प्रतिक है।
नवरात्रि महोत्सव (राजस्थान गरबा मेला):सितंबर-अक्टूबर के टाइम नवरात्रि की नौ रातों का उत्सव, जिसमें पारंपरिक गरबा नृत्य प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं।
पतंग महोत्सव (उदयपुर पतंग महोत्सव) :जनवरी के टाइम रंगीन पतंग उड़ाने की प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम धूम धाम से मनाई जाती है। लोग इसे देखने दूर- दूर से आता है ।