भारत में कई छोटे एयरपोर्ट है, जहां पायलट भी खौफ खाते है।
पश्चिम बंगाल के बालुरघाट एयरपोर्ट भी बहुत छोटा है।
हिमाचल प्रदेश का कुल्लू-मनाली एयरपोर्ट का रनवे 1125 मीटर है।
हिमाचल का शिमला एयरपोर्ट का रनवे 1,230 मीटर है।
मेघालय का बलजेक एयरपोर्ट, इसकी रनवे केवल 1,006 मीटर है।
छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर एयरपोर्ट का रनवे केवल 1,371 मीटर है।
तमिलनाडु का तिरुचिरापल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे 1,456 मीटर है।
लक्षद्वीप का अगत्ती एयरपोर्ट अधिकतम 50 यात्रियों को ही संभाल सकता है।