डिजिटल अरेस्ट में डिजिटल उपकरणों के प्रयोग से आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
साक्ष्य इकट्ठा किए जाते हैं और संदिग्धों को कानून के दायरे में लाया जाता है।
यह गिरफ्तारी से थोड़ा अलग है, इसमें डिजिटल साधनों का उपयोग होता है।
नए तरह का फ्रॉड में पीड़ित से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया जाता है।
धमकाकर या लालच देकर घंटों तक कैमरे के सामने बैठने को कहा जाता है।
इस दौरान ठग व्यक्ति से कई तरह की पर्सनल जानकारियां निकालते हैं।
इसके बाद उनके बैंक अकाउंट से सारे पैसे निकाल लेते हैं।