जो प्रकृति प्रेमियों के लिए एक तरह से स्वर्ग बना हुआ है। जिले के पहाड़ियों में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर इन दिनों मनोरम झरने अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
जिले में अरावली की उपत्यकाओं में कई आकर्षक जगहें है। इनमें सीतामाता अभयारण्य भी अपने आप में जैव विविधता का संगम है।
इसके साथ ही कई जगहें भी आकर्षक बनी हुई है। जो मानसून आते ही और भी खूबसूरत बन जाती है। जिससे जिला प्राकृतिक झरनों के साथ पहाड़ प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन जाता है।
जिले के मुख्य रूप से झरने जिसमें भनेज का झरना है। जो दो चरणों में गिरता है। यह झरना रामपुरिया वनखंड के भनेज गांव के किनारे पहाडिय़ों से गिर रहा है। यह जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर हैं।
जिले के धरियावद में झरनीमाता के नाम से जाना जाने वाल झरना करीब 80 फीट का हैं। इसके साथ ही कांठल का हरिद्वार कहे जाने वाले गौतमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी 80 मीटर की ऊंचाई से दो चरणों में गिरता हैं।
इसके अलावा छोटीसादड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध भंवरमाता मंदिर के सामने करीब 70 फीट से गिरने वाले झरना भी अपने वेग पर चल रहा हैं। जिले में अपने पूर्ण वेग से गिरते ये झरने लोगों को लुभा रहे है।