धर्मनगरी प्रयागराज में कई पौराणिक मंदिर हैं लेकिन बंधवा के लेटे वाले हनुमान जी की कहानी बेहद रोचक और दिलचस्प है।
आपने हनुमान जी को सदैव खड़े स्थिति में ही देखा होगा। लेकिन इस मंदिर में लेटे हुए बजरंगबली की पूजा की जाती है। इस मान्यता के पीछे हनुमान जी के पुनर्जन्म की कथा जुड़ी हुई है।
पौराणिक कथाओं के मुताबिक हनुमान जी इसी जगह शारीरिक कष्ट से पीड़ित होकर लेट गए थे।
इसके बाद माता जानकी ने इसी जगह पर उन्हें अपना सिंदूर देकर नया जीवन और सदैव चिरायु रहने का आशीर्वाद दिया था। तभी से इस मंदिर को इसी भाव में पूजा जाता है।
हनुमान जी का ये मंदिर संगम के किनारे स्थित है। मां गंगा हर साल हनुमान जी को स्नान भी कराती हैं।