माता पार्वती व भगवान शंकर की प्रतिमा को स्थापित करके पूजा-अर्चना की जाती है
शोभायात्रा के दौरान लोगों की उमड़ी भीड़ देखते ही बनती है
नाचते-गाते हुए लोग नदी या फिर तालाब के पास जाकर मूर्ति को विसर्जित करते हैं
छत्तीसगढ़ में इस परंपरा की अपनी अलग पहचान है
आदिवासी समाज के लोग गौरी गौरा का विसर्जन बड़ी धूमधाम से गाजे बाजे के साथ करते हैं
इस परंपरा में सभी समुदाय और जाति के लोग जुड़ते हैं