मरते-मरते दुनिया की सबसे प्यारी चीज दान कर गई महिला, भाइयों के होने के बावजूद बेटी ने दिया मां की अर्थी को कंधा

पति की मौत के समय संतोरा ने नेत्रदान करने का संकल्प लेते हुए कहा था कि उनकी अर्थी को कंधा उनकी इकलौती बेटी ही देगी।

By: Priya Singh

Published: 24 Jul 2018, 02:29 PM IST

नई दिल्ली। जो जीव इस धरती पर आया है, उसे एक दिन यहां से जाना है। यह प्रकृति का अटल नियम है जैसे पानी में बुलबुला पैदा होता है और उसी में समा जाता है लेकिन समाज की बनाई पुरातन रीति और मिथक को तोड़ते हुए अपनी मां की आखिरी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए वाराणसी की बेटी और बहुओं ने मां की अर्थी को कंधा दिया। यही नहीं मां की दूसरी इच्छा को पूरा करते हुए मृतका की आंखें दान कर दी। जानकारी के मुताबक, वाराणसी के बरियासनपुर गांव निवासी बुजुर्ग महिला संतोरा देवी (95) के पति का निधन 20 वर्ष पहले हो चुका था। पति की मौत के समय संतोरा ने नेत्रदान करने का संकल्प लेते हुए कहा था कि उनकी अर्थी को कंधा उनकी इकलौती बेटी ही देगी।

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daughter takes mother dead body for funeral

बेटी की जिद के आगे लोगों की एक भी नहीं चली

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार के दिन संतोरा देवी का निधन हो गया। दो बेटों के होते हुए बेटी पुष्पावती पटेल जब कंधा देने आई तो रिश्तेदारों व मोहल्ले वालों ने सामाजिक मर्यादाओं की दुहाई देकर ऐसा करने से रोकना चाहा लेकिन भाई-भाभियों के समर्थन और मां की अंतिम इच्छा को ध्यान में रखते हुए पुष्पा पीछे नहीं हटी। ननद के फैसले का समर्थन करते हुए बहुओं ने भी अपनी सास की अर्थी को कंधा दिया, जिसके बाद सरायमोहाना घाट पर महिला का अंतिम संस्कार किया गया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मां को कंधा देने वाली पुष्पावती का कहना है कि मैंने सिर्फ अपनी मां की अंतिम इच्छा का सम्मान किया है। वहीं दोनों बेटे बाबूलाल व त्रिभुवन नारायण पटेल का कहना है कि हमें अपनी बहन पर नाज है कि उसने मां की अंतिम इच्छा पूरी की।

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